
Haryana Electricity Bills: हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) द्वारा नए वित्त वर्ष 2026-27 की बिजली दरों को लेकर 8 जनवरी को पंचकूला स्थित HERC के कोर्ट रूम में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। यह जनसुनवाई उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) द्वारा दायर याचिकाओं पर की जाएगी।
आयोग ने इन याचिकाओं पर बिजली उपभोक्ताओं से आपत्तियां, सुझाव एवं टिप्पणियां आमंत्रित की गई थी। संबंधित सभी याचिकाएं UHBVN, DHBVN तथा HERC की आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध हैं।
HERC की बैठक में होगा फैसला
उल्लेखनीय है कि 28 नवंबर 2025 को UHBVN एवं DHBVN ने HERC के समक्ष वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) से संबंधित याचिकाएं दायर की थीं। इन याचिकाओं में वित्त वर्ष 2024-25 का ट्रू-अप (True Up) भी शामिल है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उक्त वर्ष का ऑडिट पूर्ण हो चुका है।
वित्त वर्ष 2024-25 के ट्रू-अप के अनुसार दोनों बिजली वितरण निगमों द्वारा कुल 48,394.77 करोड़ रुपये के ARR की मांग की गई है। वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दोनों निगमों ने 51,156.71 करोड़ रुपये के ARR की मांग की है।
याचिकाओं पर होगी जनसुनवाई
वहीं, इसी क्रम में हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (HVPN) एवं हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम (HPGCL) ने भी 26 नवंबर 2025 को आयोग के समक्ष अपनी ARR याचिकाएं दायर की थीं, जिन पर आयोग द्वारा 4 जनवरी तक आपत्तियां, सुझाव एवं टिप्पणियां आमंत्रित की गई थी। इन दोनों निगमों की जनसुनवाई 7 जनवरी को आयोजित की जाएगी।
HERC के अध्यक्ष नन्द लाल शर्मा तथा आयोग के सदस्य मुकेश गर्ग एवं शिव कुमार के समक्ष 7 और 8 जनवरी को बिजली निगमों के अधिकारियों एवं बिजली उपभोक्ताओं की ओर से प्राप्त सभी सुझावों, आपत्तियों एवं टिप्पणियों को रिकॉर्ड किया जाएगा।
आयोग द्वारा ARR पर निर्णय विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 62 एवं 64 के अंतर्गत लिया जाता है। साथ ही, विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 64(3) के अनुसार आयोग को याचिकाएं दायर किए जाने की तिथि से 120 दिनों के भीतर अपना निर्णय देना अनिवार्य है।
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