हरियाणा राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर, बदली रणनीति

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर, बदली रणनीति

HARYANA NEWS: हरियाणा में राज्यसभा चुनाव से पहले सियासत तेज हो गई है। क्रॉस वोटिंग के डर से कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदल दी है। विधायकों को राज्य से बाहर भेजने की योजना फिलहाल टाल दी गई है और 13 मार्च को डिनर पार्टी में फिर मंथन होगा। इस बीच कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पांच विधायकों का गायब रहना भी चर्चा का विषय बन गया है। वहीं बीजेपी और निर्दलीय उम्मीदवार भी इस चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय हैं।

सेक्टर-9 स्थित हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में पार्टी के 37 में से सिर्फ 32 विधायक ही पहुंचे। जुलाना से विधायक और पूर्व रेसलर विनेश फोगाट समेत पांच विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए। इन विधायकों में कुलदीप वत्स, भरत सिंह बेनीवाल, आदित्य सुरजेवाला और चंद्र मोहन का नाम भी शामिल है।

क्रॉस वोटिंग की आशंका के बीच कांग्रेस ने फिलहाल अपने विधायकों को दूसरे राज्य में शिफ्ट करने का फैसला तीन दिन के लिए टाल दिया है। अब 13 मार्च को डिनर मीटिंग में इस पर फिर चर्चा होगी कि विधायकों को हरियाणा से बाहर भेजा जाए या नहीं।बता दें कि राज्यसभा की दूसरी सीट के लिए कांग्रेस ने करमवीर सिंह बौध को उम्मीदवार बनाया है। उनकी जीत के लिए 31 प्रथम वरीयता वोट जरूरी हैं। कांग्रेस को भरोसा है कि उसके सभी 37 विधायक उनके पक्ष में वोट करेंगे।

बीजेपी उम्मीदवार की जीत तय

वहीं बीजेपी की ओर से संजय भाटिया मैदान में हैं और पार्टी के पास 48 विधायक होने के कारण उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। बीजेपी का दावा है कि राज्यसभा चुनाव में उसकी स्थिति मजबूत है और विपक्ष में ही असंतोष दिखाई दे रहा है।दूसरी सीट के लिए मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार करमवीर सिंह बौध और बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नंदाल के बीच माना जा रहा है। नंदाल को उम्मीद है कि कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग हो सकती है, जिससे उन्हें फायदा मिल सकता है।

हुड्डा ने किया बड़ा दावा

हालांकि कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने दावा किया है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और सभी विधायक कांग्रेस उम्मीदवार को ही वोट देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर क्रॉस वोटिंग होगी तो वह बीजेपी के भीतर होगी।दरअसल, कांग्रेस को पिछले राज्यसभा चुनावों में भी क्रॉस वोटिंग का नुकसान उठाना पड़ा है। 2022 में अजय माकन चुनाव हार गए थे, जबकि 2016 में स्याही विवाद के कारण कई वोट अमान्य घोषित हो गए थे।

ऐसे में 16 मार्च को होने वाली वोटिंग से पहले हरियाणा की सियासत में हलचल तेज है। अब सबकी नजर 13 मार्च की डिनर मीटिंग और 16 मार्च की वोटिंग पर टिकी हुई है, जहां यह तय होगा कि राज्यसभा की दूसरी सीट किसके खाते में जाती है।   

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