पानीपत में 13 करोड़ के फर्जी टैक्स नोटिस पर निगम की मुहर, एक साल में हर गलती होगी खत्म, 1.80 लाख संपत्तियों की होगी दोबारा जांच

पानीपत में 13 करोड़ के फर्जी टैक्स नोटिस पर निगम की मुहर, एक साल में हर गलती होगी खत्म, 1.80 लाख संपत्तियों की होगी दोबारा जांच

HARYANA NEWS: हरियाणा के पानीपत नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स सिस्टम को लेकर बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। जहां एक ओर वर्षों से फर्जी और गलत टैक्स नोटिसों से लोग परेशान थे, वहीं अब निगम प्रशासन ने खुद माना है कि कई मामलों में 13-14 करोड़ तक के गलत टैक्स नोटिस जारी हो चुके हैं। नगर निगम ने एक साल में सभी गड़बड़ियां खत्म करने का दावा किया है।

पानीपत नगर निगम क्षेत्र में प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर वर्षों से चली आ रही गड़बड़ियों पर अब निगम की मुहर लग चुकी है। नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त विवेक चौधरी ने स्वीकार किया है कि GIS और याशी कंपनी के सर्वे के दौरान भारी गलतियां हुईं, जिनकी वजह से नागरिकों पर करोड़ों रुपये के फर्जी टैक्स नोटिस थमाए गए। कई मामलों में संपत्तियों पर 13 से 14 करोड़ रुपये तक का टैक्स दिखा दिया गया, जिसे बाद में संशोधन कर कुछ लाख रुपये तक सीमित करना पड़ा।

25 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी टैक्स वसूली हो चुकी

निगम प्रशासन का कहना है कि अब इन सभी गलतियों को एक साल के भीतर पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। अब हमारा लक्ष्य है कि आने वाले एक वित्त वर्ष में प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी हर गलती को ठीक किया जाए। नगर निगम के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष में अब तक करीब 25 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी टैक्स वसूली हो चुकी है, लेकिन वास्तविक स्थिति तब साफ होगी जब शहर की करीब 1 लाख 80 हजार संपत्तियों को सही तरीके से सिस्टम में शामिल किया जाएगा।

नागरिकों को प्रॉपर्टी टैक्स की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी

GIS और याशी सर्वे के आधार पर नगर निगम का कुल प्रॉपर्टी टैक्स आंकड़ा 1346 करोड़ रुपये दिखाया गया, लेकिन जांच में सामने आया कि सैकड़ों संपत्तियों पर टैक्स अत्यधिक है। हेडक्वार्टर ने करीब 600 ऐसे मामलों की पहचान की है, जिनमें से 200 मामलों को पहले ही सुधार लिया गया है। नगर निगम का दावा है कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पानीपत के नागरिकों को प्रॉपर्टी टैक्स की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। अब देखना यह होगा कि ज़मीनी स्तर पर यह दावा कितना सफल साबित होता है।

 

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