Haryana News: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने कोटक महिंद्रा बैंक धोखाधड़ी मामले में म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (एमसी) पंचकूला के 107.24 करोड़ रुपये के गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा एक्शन लिया है।
ईडी ने 29 जुलाई 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 5(1) के तहत अनंतिम कुर्की आदेश (पीएओ) जारी कर कुल 131.13 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। इसमें बैंक बैलेंस के रूप में 12.85 करोड़ रुपये और अचल संपत्ति के रूप में 118.28 करोड़ रुपये शामिल हैं। ईडी ने दावा किया है कि यह एमसी पंचकूला के गबन किए गए 100 प्रतिशत फंड और उनसे अर्जित ब्याज का हिस्सा है। एफआईआर दर्ज होने के महज चार महीने के अंदर ईडी ने पूरा अटैचमेंट पूरा कर लिया।
30 जुलाई 2026 को ईडी ने इस मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए की धारा 44 और 45 के तहत अभियोजन शिकायत भी दाखिल की है।
कैसे हुआ घोटाला?
एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी), पंचकूला द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि कोटक महिंद्रा बैंक के तत्कालीन डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिंदर सिंह ने एमसी पंचकूला के अधिकारी विकास कौशिक और बैंक कर्मचारी दिलीप राघव के साथ मिलीभगत कर एमसी पंचकूला के नाम पर दो अनधिकृत बैंक अकाउंट खोल दिए। फर्जी दस्तावेजों और प्राधिकरण पत्रों के जरिए एमसी के असली अकाउंट से पैसे इन फर्जी अकाउंट में ट्रांसफर किए गए। बैंक के सतीश कुमार का भी इसमें शामिल होना पाया गया।
इन फंड्स को आगे रजत दहरा, स्वाति तोमर, कपिल कुमार, विनोद कुमार, सोनिया और कुछ कंपनियों (एस.के. एग्रोटेक, एस.के. एग्रोफर्म आदि) के जरिए लेयरिंग कर छुपाया गया। पुष्पिंदर सिंह ने इन पैसों से लक्जरी गाड़ियां (पोर्श केयेन, बीएमडब्ल्यू, जीप रैंगलर, लैंड क्रूजर, हार्ले डेविडसन आदि) खरीदीं, संपत्तियां अधिग्रहित कीं और ऊंचे ब्याज (3 प्रतिशत प्रति माह) पर असुरक्षित लोन दिए।
पुष्पिंदर सिंह की पत्नी प्रीति ठाकुर और उनकी फर्म एम/एस चौधरी एंड सेठी लीगल एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड के जरिए भी संपत्तियां खरीदी और बेची गईं। बाद में कुछ संपत्तियां बहन गुनीता सेठी के नाम ट्रांसफर कर दी गईं ताकि कुर्की से बचा जा सके।
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
मास्टरमाइंड पुष्पिंदर सिंह को 1 जून 2026 को ईडी ने गिरफ्तार किया था। विशेष पीएमएलए कोर्ट, पंचकूला ने उन्हें नौ दिन की कस्टडी दी थी। 22 अप्रैल 2026 को पुष्पिंदर सिंह, रजत दहरा, दिलीप कुमार राघव, विकास कौशिक, सनत रियल्टर्स, सनी गर्ग और कपिल कुमार के परिसरों पर सर्च किए गए थे, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त हुए। ईडी का कहना है कि आगे की जांच जारी है।