Jharkhand Exam Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), JSSC CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच, आंदोलनकारी छात्रों ने गुरुवार को घोषणा की कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव करेंगे। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार से शुरू होने वाला है और परीक्षा विवाद एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बने रहने की आशंका है।
प्रदर्शनकारी राधे कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा आंदोलनकारी छात्रों से संपर्क करने के बाद विधानसभा का घेराव करने का फैसला लिया गया। उन्होंने बताया ‘विधानसभा का घेराव 10 अगस्त को निर्धारित है। कल, एसडीओ सहित कुछ सरकारी अधिकारी हमसे मिलने आए और हमने उन्हें अपनी मांगें बताईं। यदि हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो हममें से लाखों लोग 10 तारीख को विधानसभा का घेराव करने के लिए मार्च करेंगे।‘ उन्होंने आगे कहा कि प्रदर्शनकारी JPSC और JSSC CGL परीक्षाओं और टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) द्वारा आयोजित अन्य भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
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मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा
झारखंड के गठन के बाद से छात्रों के साथ हुए अन्याय का आरोप लगाते हुए कुमार ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। उन्होंने कहा ‘झारखंड के गठन को 26 साल हो गए हैं, और इन 26 वर्षों में छात्रों को दबाया और कुचला गया है। हमने बार-बार विरोध प्रदर्शन किए हैं, और बार-बार हमारे आंदोलन को कुचलने के प्रयास किए गए हैं। लेकिन इस बार 2026 में, इस आंदोलन को दबाया नहीं जा सकेगा।‘
हालांकि, राज्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने दावा किया कि राज्य सरकार छात्रों के साथ सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है और इसके लिए मंत्रियों की एक टीम गठित की गई है। उन्होंने कहा टउनके साथ बातचीत करने के लिए कैबिनेट मंत्रियों की एक टीम बनाई गई है। यह टीम छात्रों की चिंताओं को सुनेगी और सरकार तथा छात्रों के बीच सेतु का काम करेगी। संदेश स्पष्ट है: सरकार राज्य के युवाओं और छात्रों के कल्याण और उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। मैं छात्रों से यह भी अपील करना चाहता हूं कि वे जल्द से जल्द सरकार से बातचीत शुरू करें। सरकार पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी है कि वह हमेशा संवाद के लिए तैयार है।‘
हेमंत सरकार ने दिखाई प्रतिबद्ध
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और अन्य भर्ती एजेंसियों के माध्यम से हुई नियुक्तियों में अनियमितताओं के साथ-साथ समग्र भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के संबंध में, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार अत्यंत संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से यह प्रतिबद्धता स्पष्ट है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है।