Haryana News: हरियाणा के फरीदाबाद जिले में स्थित अमृता हॉस्पिटल मेडिकल कॉलेज कैंपस में दशहरा पर्व के अवसर पर रावण दहन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आध्यात्मिक वातावरण के बीच बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर अमृता हॉस्पिटल के प्रशासनिक निदेशक स्वामी निजामृतानंद पुरी ने अपने संबोधन में दशहरा पर्व के आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने रावण दहन को केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि अपने भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, लोभ और नकारात्मक विचारों को समाप्त करने की प्रेरणा के रूप में देखने का संदेश दिया।
स्वामी निजामृतानंद पुरी का संदेश
स्वामी निजामृतानंद पुरी के संबोधन का मुख्य संदेश रहा कि वास्तविक विजय तभी संभव है, जब मनुष्य अपने जीवन में सत्य, सदाचार, करुणा और नैतिक मूल्यों को अपनाए। दशहरा हमें याद दिलाता है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।
अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय मूल्यों को प्रोत्साहित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मकता, सद्भाव और नैतिक चेतना को मजबूत करने का संदेश देते हैं।