Ladli Social Security Scheme: हरियाणा सरकार द्वारा लाडली सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत प्रदेश में हर माह 42 हजार 758 पात्र परिवारों को 13 करोड़ 68 लाख 25 हजार 600 रुपए की राशि मासिक पेंशन के रूप में दी जा रही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के जिन अभिभावकों के पास केवल बेटियां हैं और कोई बेटा, जैविक या दत्तक नहीं है, उन्हें लाडली सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 3200 रुपए की राशि मासिक पेंशन के रूप में प्रदान की जाती है।
कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चालू वित्त वर्ष के दौरान लगभग 82 करोड़ 9 लाख 53 हजार 600 रुपए से अधिक राशि लाडली सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था भत्ता योजना की तर्ज पर 1 जनवरी 2006 से शुरू की गई इस योजना में केवल बालिका वाले अभिभावकों को ही मासिक भत्ता अथवा पेंशन प्रदान की जाती है। इस योजना की शुरुआत 300 रुपये प्रतिमाह से की गई थी जिसे बढाकर अन्य पेंशन योजनाओं के बराबर कर दिया गया है।
बेदी ने बताया कि इस योजना के तहत नामांकन करने के लिए माता या पिता की आयु 45 वर्ष की होने पर यह लाभ देना शुरू किया जाता है। इस प्रकार अभिभावकों के 45वें जन्मदिन पर इस योजना का लाभ मिलना आरम्भ होता है, जो लगातार 15 साल तक प्रदान किया जाता है। इसके बाद अभिभावकों की आयु 60 वर्ष पूरी होने के बाद उन्हें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना में शामिल कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि माता-पिता में से किसी की एक मृत्यु होने पर जीवित माता या पिता को यह भत्ता प्रदान किया जाता है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा लाडली सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत पहले पात्रता आयु 55 वर्ष की गई थी। जिसे घटाकर 45 वर्ष कर दिया गया है और मासिक भत्ता भी वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना के तहत बढ़ाकर 3200 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। कृष्ण बेदी ने बताया कि कोई भी परिवार जो एकल अभिभावक हरियाणा राज्य के स्थाई निवासी हैं, और उनका कोई बेटा, जैविक या दत्तक पुत्र नहीं है। केवल बेटी, बेटियां हैं, वे ही लाडली सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ पाने के हकदार हैं। इस योजना के तहत लाभ पाने के लिए परिवार की सभी साधनों से सकल वार्षिक आय 2,00,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
इसके अलावा, इस योजना के तहत परिवार में माता-पिता में से किसी एक की आयु
45 वर्ष होने के बाद की तिथि से ही पात्र परिवार लाभ प्राप्त करने का हकदार होगा। उन्होंने बताया कि अभिभावकों में यदि माता जीवित है, तो लाभ का भुगतान माता तथा माता जीवित नहीं है, तो लाभ का भुगतान पिता को किया जाएगा।