DU Student Protest: दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में छात्राओं ने प्रदर्शन किया। दक्षिण दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के बाद छात्राओं का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। प्रदर्शन के दौरान ‘हम औरतें आजाद हैं’ और ‘हल्ला बोल’ जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शन में शामिल छात्राओं ने कहा कि घर से निकलते समय लड़कों को जहां सिर्फ अपनी जरूरत का सामान लेकर निकलना होता है, वहीं लड़कियों को अपनी सुरक्षा की चिंता भी साथ लेकर चलनी पड़ती है। एमएड की छात्रा सोनम और मिरांडा हाउस की पूर्व छात्रा हिमानी ने बताया कि लड़कियां बाहर निकलने से पहले अपने बैग में पेपर स्प्रे जैसी चीजें रखना जरूरी समझती हैं। परिवार की तरफ से भी बार-बार फोन आता है कि कहां हो और कब तक घर पहुंचोगी।
पुलिस भी उठाती कपड़ों को लेकर सवाल- छात्रा
बिहार से दिल्ली पढ़ने आई सोनम ने कहा कि उन्होंने देश की राजधानी में बेहतर और खुला माहौल मिलने की उम्मीद की थी, लेकिन अब सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी रहती है। मिरांडा हाउस की पूर्व छात्रा हिमानी ने पुलिस से जुड़े अपने एक अनुभव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक चोरी हुए फोन की शिकायत के लिए थाने जाने पर उन्हें कपड़ों को लेकर सवाल सुनना पड़ा। उनके मुताबिक, ऐसे सवाल पीड़ितों के लिए स्थिति को और मुश्किल बना देते हैं।
महिलाओं में मानसिक डर
एलएसआर की पूर्व छात्रा अन्वेशा ने महिलाओं के मानसिक डर की बात कही। उन्होंने बताया कि हॉस्टल के आसपास होने वाली अश्लील हरकतों के कारण कई लड़कियां कुछ रास्तों पर अकेले जाने से डरती हैं। उन्होंने कहा कि यौन हिंसा झेल चुकी महिलाओं के लिए घटना खत्म होने के बाद भी डर बना रह सकता है।
परिवारों को भी चिंता
डीयू में करीब 25 साल से पढ़ा रही एक महिला प्रोफेसर ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा को लेकर शिक्षकों और परिवारों को भी कई तरह की चिंता रहती है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रमों का समय तय करते समय भी इस बात का ध्यान रखना पड़ता है कि छात्राएं शाम से पहले घर पहुंच सकें।
महिलाओं के लिए आजादी की मांग
छात्राओं का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर लड़कियों की आजादी सीमित करने के बजाय सड़कों और सार्वजनिक जगहों को सुरक्षित बनाया जाना चाहिए। प्रदर्शन के जरिए उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और समान आजादी की मांग उठाई।
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