Haryana News: हरियाणा के हिसार में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सांसद कुमारी शैलजा ने वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर जनता के मन में सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग जैसी लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण संस्था ही विवादों के घेरे में आ जाए तो लोगों का लोकतंत्र में विश्वास कैसे कायम रहेगा।
कुमारी शैलजा ने एसआईआर को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस प्रक्रिया को लेकर देशभर में चर्चाएं और आपत्तियां सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति लोगों का विश्वास बनाए रखना सरकार और संस्थाओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज देश का नौजवान अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। छात्रों और युवाओं की आवाज लगातार उठ रही है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर, शिक्षा व्यवस्था और सरकारी संस्थानों में रिक्त पद गंभीर विषय हैं। कॉलेजों में शिक्षकों और प्रोफेसरों के पद खाली पड़े हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
सांसद ने कहा कि सरकारी स्कूलों और संस्थानों को कमजोर करने से आम परिवारों के बच्चों पर सबसे अधिक असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सेवाओं में सरकार की जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण है। केवल निजी संस्थानों के भरोसे समाज की जरूरतें पूरी नहीं की जा सकतीं।
कुमारी शैलजा ने बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक असमानता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आम गरीब और मध्यम वर्ग आर्थिक दबाव महसूस कर रहा है। उन्होंने छोटे और मध्यम उद्योगों की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि सरकार को आम लोगों तथा छोटे कारोबारियों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और जनता का विश्वास बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी संबंधित संस्थाओं से लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की अपील की।
कांग्रेस संगठन को लेकर कुमारी शैलजा ने कहा कि पार्टी लगातार जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने का काम कर रही है। राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निर्देश पर बूथ स्तर से लेकर ऊपर तक संगठन को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सम्मान और जिम्मेदारी देकर संगठन को और मजबूत बनाया जाएगा।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर चलाए जा रहे सेवा कार्यक्रमों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जनता की सेवा केवल एक दिन या किसी विशेष कार्यक्रम तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों की वास्तविक समस्याओं—रोजगार, महंगाई, शिक्षा, सफाई और कर्मचारियों की समस्याओं—का समाधान करना ही सच्ची जनसेवा है।
कुमारी शैलजा ने कहा कि सफाई कर्मचारियों सहित विभिन्न वर्गों के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन और हड़ताल करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों और आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनका समाधान करने की मांग की।