Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों को आकस्मिक मृत्यु और दुर्घटना के कारण होने वाली स्थायी विकलांगता से उत्पन्न वित्तीय जोखिम से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से हरियाणा राज्य सहकारी अपेक्स बैंक लिमिटेड (HARCO Bank) द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारकों के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना (PAIS) लागू की गई है। वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के तहत लगभग 5 लाख पात्र KCC धारकों को एक वर्ष की अवधि के लिए 50,000 रुपये का बीमा कवर प्रदान किया जाएगा।
इस संबंध में सोमवार को हरको बैंक के प्रबंध निदेशक सुशील सारवान की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। यह पहल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा के किसानों के कल्याण एवं सहकारी क्षेत्र को सुदृढ़ करने के दृष्टिकोण के अनुरूप की गई है।
वर्ष 2026-27 के लिए हरको बैंक द्वारा केंद्रीय सहकारी बैंकों तथा इफको-टोकियो सामान्य बीमा कंपनी लिमिटेड के साथ व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत बीमा व्यवस्था के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। योजना के अंतर्गत लगभग 5 लाख KCC धारकों को एक वर्ष की अवधि के लिए 50,000 रुपये के बीमा कवर प्रदान किया जाना प्रस्तावित है।
योजना के तहत बाहरी, हिंसक एवं दृश्यमान साधनों से हुई दुर्घटना के कारण मृत्यु की स्थिति में (समझौता होने की एक वर्ष की अवधि तक) 50,000 रुपये का बीमा कवर प्रदान किया जाएगा। इसी प्रकार, पूर्ण स्थायी विकलांगता की स्थिति में भी 50,000 रुपये का बीमा कवर प्रदान किया जाएगा। दोनों अंगों या दोनों आंखों अथवा एक अंग एवं एक आंख की क्षति होने की स्थिति में 50,000 रुपये का बीमा कवर प्रदान किया जाएगा। जबकि एक अंग या एक आंख की क्षति होने की स्थिति में 25,000 रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध होगा।
बैंक वहन करेगा प्रीमियम का अधिकांश हिस्सा
योजना के अंतर्गत प्रत्येक KCC धारक को कुल 1.90 रुपये के प्रीमियम पर बीमा कवर प्रदान किया जाएगा। कुल प्रीमियम में से 1.27 रुपये का प्रीमियम बैंक द्वारा वहन किया जाएगा, जबकि KCC धारक को केवल 0.63 रुपये का भुगतान करना होगा। इस प्रकार किसानों को बेहद कम प्रीमियम पर दुर्घटना से उत्पन्न वित्तीय जोखिम के विरुद्ध बीमा सुरक्षा मिलेगी।
दुर्घटना की स्थिति में 120 दिन के भीतर सूचना जरूरी
योजना के अंतर्गत बीमा दावा प्रस्तुत करने के लिए दुर्घटना होने पर संबंधित बीमा कंपनी को 120 दिनों के भीतर सूचित करना आवश्यक होगा। दावे के साथ, मामले के अनुसार पुलिस रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कानूनी उत्तराधिकारी का विवरण तथा बैंक खाते से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।