Search KhabarFast

Press ESC to close

हरियाणा के करनाल में रिश्तों का खून, जमीन विवाद में बुर्जुग की गोली मारकर हत्या, वारदात के बाद आरोपी हथियार लहराकर फरार

हरियाणा के करनाल में रिश्तों का खून, जमीन विवाद में बुर्जुग की गोली मारकर हत्या, वारदात के बाद आरोपी हथियार लहराकर फरार

Haryana News: हरियाणा के करनाल जिले के बड़ा गांव में जमीनी विवाद ने एक दर्दनाक रूप ले लिया, जहां 70 वर्षीय किसान दर्शन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि इस वारदात को उनके ही पोते ने अंजाम दिया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों के बीच इस वारदात को लेकर गहरी चर्चा है, वहीं पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के अनुसार, सुबह करीब साढ़े 11 बजे गोली चलने की आवाज से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। पहले लोगों को लगा कि कहीं पटाखे चल रहे हैं, लेकिन कुछ ही देर में पता चला कि गांव के बुजुर्ग किसान दर्शन सिंह को गोली मारी गई है। वारदात के बाद आरोपी बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।

बराबर बंटवारे को लेकर चल रहा था विवाद

पुलिस जांच में सामने आया है कि परिवार में लंबे समय से जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि पोता जमीन के हिस्से को लेकर नाराज था और इसी रंजिश ने खूनी रूप ले लिया। जांच एजेंसियां परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही हैं और पूरे विवाद की पृष्ठभूमि को खंगाल रही हैं। सीसीटीवी फुटेज ने खोले कई राज जांच अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में अहम सुराग मिले हैं। फुटेज में कथित तौर पर आरोपी अपने दादा को मोटरसाइकिल पर लेकर आता दिखाई दे रहा है। इसके बाद गोली चलने की घटना सामने आई। पुलिस का दावा है कि वारदात के कई महत्वपूर्ण पहलू कैमरों में कैद हुए हैं, जिन्हें जांच का आधार बनाया जा रहा है।

बेटी ने कहा कि पिता ने मेहनत से बनाई थी संपत्ति

मृतक की बेटी तारों ने बताया कि परिवार में जमीन को लेकर विवाद पहले से चला आ रहा था। उनके अनुसार, दर्शन सिंह ने अपनी मेहनत से गांव में चार दुकानें, एक कोठी और करीब 12 किले जमीन खरीदी थी। घटना की सूचना मिलते ही वह करनाल से गांव पहुंचीं। उन्होंने कहा कि परिवार को इस तरह की घटना की उम्मीद नहीं थी और पिता की हत्या ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव में शोक, लोगों ने जताया दुख ग्रामीणों का कहना है कि दर्शन सिंह एक शांत स्वभाव के और मेहनती किसान थे। खेती-बाड़ी के काम से जुड़े रहने वाले दर्शन सिंह की गांव में अच्छी छवि थी। उनकी हत्या की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर है। लोगों का कहना है कि किसी ने नहीं सोचा था कि जमीन का विवाद इस हद तक पहुंच जाएगा कि रिश्तों का ही खून हो जाएगा।

पुलिस की जांच तेज

आरोपी की तलाश जारी पुलिस ने घटनास्थल से गोली के खोल बरामद कर लिए हैं और एफएसएल टीम ने भी वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि बुजुर्ग को कितनी गोलियां लगीं। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

हरियाणा के HTET परीक्षा 2025 को लेकर बड़ा अपडेट, पहली बार की गई ऐसी व्यवस्था

Haryana News: हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2025 के सफल व पारदर्शी संचालन के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने अपनी कमर कस ली है। 4 और 5 जुलाई को संचालित होने वाली एचटेट परीक्षा की जानकारी देने के लिए वीरवार को भिवानी स्थित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड परिसर में शिक्षा बोर्ड चेयरमैन ने पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। पत्रकार वार्ता के दौरान चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ ने परीक्षा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी दी। इस बार एचटेट परीक्षा में अभ्यर्थियों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या अढाई गुणा से भी अधिक है, जो प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के प्रति उनके बढ़ते कदम को दर्शाता है।

Uttarakhand News: सीएम धामी ने आपातकाल को बताया लोकतंत्र का काला दौर, कहा- संविधान की भावना पर हमला हुआ था

Uttarakhand News: उतराखंड के देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जी. एम. एस. रोड स्थित एक होटल में संविधान हत्या दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके परिजनों का सम्मान करते हुए कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय था। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार द्वारा सत्ता बचाने के लिए नागरिक स्वतंत्रताओं का हनन किया गया, प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया तथा संविधान की मूल भावना को आघात पहुंचाया गया।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

Khabar Fast