Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दूसरे कार्यकाल के 666 दिनों में प्रदेश ने निवेश के क्षेत्र में नई गति हासिल की है। मुख्यमंत्री की सहज, हंसमुख और मिलनसार कार्यशैली ने जहां आमजन और राजनीतिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है, वहीं देश-विदेश के निवेशकों में भी उनके प्रति विश्वास बढ़ा है। इसी विश्वास का परिणाम है कि उद्यमियों द्वारा अब तक 140 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के माध्यम से करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई है। इनमें 1 जून, 2026 को गुरुग्राम में तथा 24 अगस्त को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आयोजित रोडशो के दौरान हुए 66,821 करोड़ रुपये के 17 एमओयू प्रमुख हैं।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पहले जापान दौरे के दौरान जापानी कंपनियों ने 10 एमओयू के माध्यम से करीब 3,900 करोड़ रुपये के निवेश की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि जापानी कंपनियां अपने वादों को पूरा करने के लिए जानी जाती हैं। वर्ष 1980 के दशक में गुरुग्राम में मारुति की पहली इकाई के साथ हरियाणा में निवेश की शुरुआत करने वाली जापानी कंपनियों ने गुरुग्राम को मिलेनियम सिटी के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने के लिए हरियाणा सरकार ने हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट-2047 तैयार किया है। इसके तहत वर्ष 2030 तक सभी प्रमुख विभागों को अपनी योजनाओं का रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद वर्ष 2035, 2040 और 2045 के चरणों में योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए 2047 तक हरियाणा को विकास के नए मुकाम पर पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राव नरबीर सिंह ने बताया कि निवेशकों को हरियाणा की ओर आकर्षित करने के लिए ‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ के तहत देश के चार प्रमुख महानगरों मुंबई, कोलकाता, दिल्ली और चेन्नई में रोडशो आयोजित किए जाएंगे। मुंबई में 24 अगस्त को रोडशो सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है, जबकि अगला रोडशो आईटी हब बेंगलुरु में आयोजित करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश करने वाले किसी भी उद्यमी को सरकार की ओर से किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।