Haryana News: हरियाणा के गुरुग्राम के साइबर क्राइम वेस्ट पुलिस स्टेशन की टीम ने मंगलवार को पालम विहार, जे ब्लॉक में चल रहे एक अनाधिकृत, फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर भंडाफोड़ किया। यह गिरोह अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना रहा था और खुद को प्रसिद्ध अमेरिकी ब्रांड के ग्राहक सेवा प्रतिनिधि बताकर, वायरस, तकनीकी खराबी और फर्जी फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) की धमकियों का इस्तेमाल करके उनसे बड़ी रकम वसूल रहा था।
पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया और मौके से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वाहन जब्त किए। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान प्रीतपाल सिंह (टीम लीडर), मोहम्मद रिजान अंसारी, चैतन्य गोयल, मनीष, शाहरुख अंसारी, संजीव पांडे, शिवम, आदित्य, दीपक त्रिवेदी, वरुण गौतम और नीरज के रूप में हुई है।
आरोपियों ने ग्राहक सेवा प्रतिनिधि बनकर अमेरिकी नागरिकों को यह विश्वास दिलाया कि उनके मोबाइल फोन में वायरस या तकनीकी समस्या है और उन्हें एक वर्चुअल टोल-फ्री नंबर पर कॉल करने के लिए उकसाया। वे अंग्रेजी में बातचीत करने के लिए X-Lite डायलर सॉफ्टवेयर और फेसटाइम का इस्तेमाल करते थे। उन्होंने फर्जी फेडरल ट्रेड कमीशन (एफटीसी) के पत्र दिखाकर लोगों में डर पैदा किया और उनकी समस्याओं को सुलझाने के बहाने पीड़ितों से 10,000 से 20,000 अमेरिकी डॉलर ठग लिए। ठगी की गई रकम कॉल सेंटर मालिक द्वारा दिए गए विदेशी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई या गिफ्ट वाउचर/कार्ड नंबरों के जरिए वसूल की गई।
आरोपी पिछले 2-3 महीनों से किराए के मकान को कॉल सेंटर के रूप में चला रहे थे, जहां कॉल करने वाले कमीशन के आधार पर काम करते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 9 लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन, 2 हेडफोन/माइक, 2 कारें, 1 बाइक और 1 स्कूटी सामान जब्त किए। साइबर क्राइम वेस्ट पुलिस स्टेशन, गुरुग्राम में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319 और 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 43, 66डी, 72 और 75 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की है।