
Chandigarh Mayor Election: चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) का गठबंधन भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को नहीं हरा सका। बीजेपी उम्मीदवार हरप्रीत कौर ने 19वोटों से जीत हासिल की, जबकि आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार प्रेमलता को 17वोट मिले।
बता दें कि,आज चंडीगढ़ को नया मेयर मिल गया। आम आदमी पार्टी ने प्रेमलता को उम्मीदवार बनाया था, जो बीजेपी की हरप्रीत कौर से मुकाबला कर रही थीं। चुनाव की प्रक्रिया के दौरान गहमागहमी के बीच मतदान शुरू हुआ। इस बार सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एक स्वतंत्र पर्यवेक्षक चुनाव की निगरानी कर रहे थे। चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने पहला वोट डाला। इसके बाद पार्षदों ने अपना मताधिकार प्रयोग किया।
वोटिंग में बैलट पेपर पर विवाद
वोटिंग के दौरान बैलट पेपर को लेकर एक विवाद उठ गया। आम आदमी पार्टी की पार्षद जसविंदर कौर ने आरोप लगाया कि उनके बैलट पेपर पर एक डॉट था। उन्होंने नया बैलट पेपर देने की मांग की और कहा कि वे पिछले 10मिनट से इंतजार कर रही हैं।
चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35पार्षद हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ के सांसद भी मेयर चुनाव में वोट डालते हैं, जिससे कुल वोटों की संख्या 36हो जाती है। चुनाव जीतने के लिए 19वोटों की आवश्यकता थी। बीजेपी के पास 16पार्षद हैं, जो सबसे बड़ी पार्टी है। आम आदमी पार्टी के पास 13और कांग्रेस के पास 6पार्षद हैं। दोनों दलों ने मिलकर बीजेपी को सत्ता से बाहर रखने की कोशिश की थी।
वोटिंग से पहले सख्त तैयारी
दोनों विपक्षी दलों ने अपनी रणनीति के तहत सतर्कता बरती। आम आदमी पार्टी ने अपने पार्षदों को पंजाब पुलिस की निगरानी में रखा। वहीं, कांग्रेस ने अपने पार्षदों पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की निगरानी सुनिश्चित की। पिछले चुनावों में गड़बड़ियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पर्यवेक्षक नियुक्त किया था।
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