
नई दिल्ली: आज देशभर में हरियाली तीज का पर्व मनाया जा रहा है। बता दें कि सावन माह की तृतीया तिथि को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए लिए निर्जला व्रत रखती हैं। वहीं कुंवारी लड़कियां भी मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए यह व्रत रखती हैं। महिलाएं इस दिन मां पार्वती की पूजा अर्चना कर अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं।
करवा चौथ की तरह ये व्रत भी सभी विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु,दांपत्य जीवन में प्रेम तथा भाग्योदय के लिए निर्जला व्रत करती हैं। अखंड सौभाग्य की कामना से इस दिन भगवान शिव,तीज माता का स्वरूप देवी पार्वती,नंदी और कार्तिकेय के साथ-साथ श्री गणेश जी की पूजा की जाती है। इस व्रत की खास बात यह है कि यह बहुत कठिन होता है और अगर एक बार यह व्रत करना शुरू कर दिया तो इसे हर साल करना पड़ता है।
इस व्रत को छोड़ा नहीं जाता है। पर कई बार स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या, रजस्वला या फिर गर्भावस्था की वजह से भी महिलाएं हरियाली तीज का व्रत नहीं रख पाती हैं। इसके अलावा भी कई और भी दूसरे कारण होते हैं, जिसके चलते व्रत नहीं रख पाती। ऐसे में व्रत छूटने और ना रह पाने की समस्याऔ से बचने के लिए पुराणों में इस समस्या के समाधान के बारे में बताया गया है।
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का पुनर्मिलन हुआ था। इसलिए विवाहित महिलाएं इस व्रत को अखंड सुहाग की कामना से और कुंवारी लड़कियां योग्य वर प्राप्ति के लिए इस व्रत को करती हैं।
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