CJP Protest: करीब एक महीने से NEET पेपर लीक और परीक्षा सुधार की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब खत्म हो गया है। केंद्र सरकार और CJP के बीच तीन दौर की बातचीत के बाद सभी प्रमुख मुद्दों पर सहमति बन गई। इसके बाद दोनों पक्षों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समझौते का ऐलान किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि सरकार ने CJP की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। सबसे बड़ा फैसला यह हुआ कि आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी। साथ ही भविष्य में किसी प्रदर्शनकारी, आयोजक या CJP के सदस्य के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का भी आश्वासन दिया गया है।
सौरव दास ने क्या कहा?
समझौते के बाद CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार के साथ सभी मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत हुई है। संगठन की मुख्य मांगें मान ली गई हैं, इसलिए अब आंदोलन समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सरकार को लिखित मसौदा भी सौंपा गया है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने भी जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक अपने घर लौटने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि सुरक्षा कारणों से बंद किए गए मेट्रो स्टेशनों को धीरे-धीरे फिर से खोला जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि अब स्थिति सामान्य हो रही है।
NTA के 47 कर्मचारियों को बर्खास्त किया
बीते 48 घंटों में सरकार की ओर से कई बड़े फैसले लिए गए। शिक्षा सचिव को पद से हटाया गया, NTA के 47 कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया और पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई। सरकार के इन कदमों के बाद सोनम वांगचुक ने भी अपना अनशन समाप्त कर दिया था। समझौते के बाद सोनम वांगचुक ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने छात्रों, युवाओं और आंदोलन से जुड़े सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन के जरिए अपनी बात सरकार तक पहुंचाई जा सकती है।
सरकार ने की सभी मांगे पूरी
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार ने CJP की सभी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया है। उन्होंने बताया कि छात्र आत्महत्या से जुड़े मामलों में नियमों के अनुसार अधिकतम संभव सम्मानजनक मुआवजा देने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए CJP द्वारा दिए गए पांच सुझावों पर भी गंभीरता से काम किया जाएगा। सरकार और CJP के बीच बनी इस सहमति के बाद लंबे समय से चल रहा छात्र आंदोलन समाप्त हो गया है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार अपने वादों को कितनी जल्दी लागू करती है और परीक्षा व्यवस्था में क्या बड़े बदलाव किए जाते हैं।
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