Delhi Crime: दोस्त बना हैवान! चाकू मारकर छीन ली 18 साल की मासूम की जान

Delhi Crime: दोस्त बना हैवान! चाकू मारकर छीन ली 18 साल की मासूम की जान

Delhi Crime: सोचिए क्या हो जब आपका वो दोस्त जिस पर आपने खुद से ज्यादा भरोसा किया हो वो ही आपकी मौत का कारण बन जाए? ऐसा ही कुछ हुआ दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग की एक छात्रा महक के साथ। उसका अपना दोस्त ही उसकी जान का दुश्मन बन गया। महक और अर्श दिल्ली विश्वविद्यालय के SOL से बीए प्रथम वर्ष के छात्र थे। उनकी सिर्फ शनिवार और रविवार को कक्षाएं होती थीं। अर्श परिवार के साथ रानीबाग इलाके में रहता था। दोनों की एक साल पहले कहीं मुलाकात हुई थी, जिसके बाद दोनों दोस्त बन गए।

क्या थी वो वजह जिसने छीन ली महक की जान ?

साउथ दिल्ली के महरौली स्थित जंगलों से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक सिरफिरे अर्शदीप नामक 22वर्षीय युवक ने रविवार दोपहर डीयू में पढ़ने वाली 18वर्षीय छात्रा महक की चाकू मारकर हत्या कर दी। गुनाह छुपाने के लिए उसने लड़की के शव को जलाने की भी कोशिश की। पुलिस के अनुसार परिवार के युवती से दूरी बनाने की बात से नाराज युवक ने इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया। जिसके बाद सोमवार को शव बरामद करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त का घटना को लेकर बयान

दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि छात्रा रविवार को सुबह आठ बजे घर से कॉलेज जाने की बात कर निकली थी। जिसके बाद दोपहर करीब ढाई बजे अर्श के पिता ने महक की मां प्रीति को कॉल कर बताया कि उनकी बेटी ने दो लोगों को बुलवाकर उनके बेटे पर चाकू से हमला करवाया है। लेकिन फिर पीछे से अर्श की आवाज आई कि उसने भी महक को चाकू मारा है। पूछताछ के बाद अर्श ने कुतुबमीनार के एक पार्क में चाकू मारने की बात बताई। ये सुनते ही महक का परिवार डर गया। बेटी का मोबाइल भी बंद आ रहा था। प्रीति अपने पति राकेश को लेकर महरौली थाने पहुंची। वहां उन्होंने बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। साथ ही अर्श के पिता ने जो उन्हें सूचना दी, उस बात की भी खबर दी।

महक की हत्या और अर्श की गिरफ्तारी

महक नाम की एक लड़की की हत्या के मामले में आरोपी अर्श को पुलिस ने रानीबाग से गिरफ्तार किया। अर्श ने पुलिस को बताया कि उसने चाकू और पेट्रोल लेकर महक को संजय वन में बुलाया, जहां बातचीत के दौरान उसने महक की हत्या कर दी और शव को जलाने की कोशिश की। महक का आधा जला शव संजय वन से बरामद हुआ। पुलिस ने 18घंटे तक महक की तलाश की, लेकिन शुरुआत में कोई सुराग नहीं मिला। बाद में अर्श की निशानदेही पर शव मिला। अर्श ने हत्या के बाद रोहिणी के एक अस्पताल में इलाज कराया था।

सीमा विवाद और पुलिस की कार्रवाई

महक का शव संजय वन में मिला, जो महरौली और किशनगढ़ थानों की सीमा पर है। दोनों थानों के बीच सीमा विवाद के कारण दो घंटे तक बहस हुई। आखिरकार, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर महरौली थाने में अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया गया। जांच में पता चला कि अर्श ने पहले भी महक की मां से बदसलूकी की थी। दोनों की दोस्ती एक साल पहले डीयू एसओएल में पढ़ाई के दौरान हुई थी, लेकिन महक के परिवार को अर्श पसंद नहीं था। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि अर्श और महक सुबह संजय वन में गए थे, और दोपहर में अर्श अकेला जख्मी हालत में बाहर निकला।

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