जहरीली हो रही हैं झीलों और नदियों की मछलियां, स्टडी में हैरान करने वाला खुलासा

नॉनवेज और सी फूड प्रेमी लोगों की डाइट में मछली एक अहम हिस्सा है। प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर के चलते लोग बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी मछली का सेवन करते हैं। अगर आप भी मछली खाते हैं, तो हमारी ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। क्योंकि जिस मछली को आपने शारीरिक स्वास्थ्य के लिए खाते हैं, वही आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।
दरअसल, एनवायरमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी और अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने जॉइंट स्टडी में पाया कि अमेरिका की झीलों और नदियों का पानी इतना प्रदूषित हो चुका है कि वहां रहने वाली मछलियां भी जहरीली हो गई हैं। स्टडी के मुताबिक, फ्रेशवॉटर मछलियों में 278 गुना फॉरेवर केमिकल मिला है, जो गंभीर बिमारियों का कारण बन सकता है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ये वो केमिकल है, जो आमतौर पर नॉनस्टिक या फिर वॉटर-रेजिस्टेंट कपड़ों, जैसे रेनकोट, छतरी या मोबाइल कवर में होता है। जबकि ये केमिकल शैंपू, नेल पॉलिश और आई-मेकअप में भी पाया जाता है। हालांकि इन सभी चीज़ों में इसकी मात्रा बहुत थोड़ी होती है।
क्यों है खतरनाक?
इस केमिकल का असर सीधे तौर पर शरीर ग्रोथ और हॉर्मोन्स पर होता है, जो थायरॉइड और कोलेस्ट्रॉल जैसी परेशानियों को जन्म देता है। प्रेगनेंसी के दौरान मिसकैरेज या फिर गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी इसका असर हो सकता है। बच्चे में कई तरह के मानसिक या शारीरिक विकार भी देखे जा सकते हैं।
हैरानी वाली बात ये है कि फॉरेवर केमिकल उन नदियों और झीलों में भी पाया गया है, जो कारखाने और आबादी वाले क्षेत्रों से दूर है। आपको बता दें कि इस केमिकल को फॉरेवर इसलिए कहते हैं क्योंकि ये खत्म नहीं होता। ये मिट्टी, पानी से होते हुए मछलियों और वाइल्डलाइफ को भी खतरे में डाल रहा है।
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