
New Income Tax Bill 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में नए इनकम टैक्स बिल को पेश कर दिया है। इस बिल पर विचार-विमर्श के लिए इसे संसदीय स्थायी समिति के पास भेजा जाएगा। इससे पहले 7 फरवरी 2025 को केंद्र सरकार की कैबिनेट ने इस बिल को मंजूरी दी थी। नया इनकम टैक्स बिल 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने की उम्मीद है।
मौजूदा इनकम टैक्स कानून में किए सुधार
लोकसभा में पेश हुए नए इनकम टैक्स बिल में 536 धाराएं, 23 अध्याय और 16 अनुसूचियां हैं। इसमें कोई नया टैक्स लगाने की बात नहीं की गई है। बता दें, छह दशक पुराने मौजूदा इनकम टैक्स कानून में 298 धाराएं और 14 अनुसूचियां हैं। इसके अलावा नए बिल में ‘असेसमेंट ईयर’ की जगह ‘टैक्स ईयर’ शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा।
नए इनकम टैक्स बिल के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति अपना नया बिजनेस शुरू करता है तो उसका टैक्स ईयर उस दिन से शुरू होगा और उसी वित्तीय साल के आखिर में खत्म होगा। इसके साथ आयकर अधिनियम, 1961 में कई बार इस्तेमाल किए जाने वाले 'बावजूद' शब्द को नए विधेयक में हटा दिया गया है। 'बावजूद' शब्द की जगह 'अपरिहार्य' शब्द का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा नए बिल में कानूनी शब्दों को आसान और छोटा किया गया है। जिससे इसे समझना आसान होगा।
नए इनकम टैक्स बिल में क्या नया है?
इस बार नया इनकम टैक्स बिल 622 पन्नों में तैयार किया गया है। जबकि पुराना इनकम टैक्स बिल 823 पन्नों का था। इसके साथ क्रिप्टोकरेंसी जैसे वर्चुअल डिजिटल एसेट्स को अब अनडिस्क्लोज्ड इनकम के तहत माना जाएगा। ताकि टैक्स चोरी को रोका जा सकें। इसके अलावा नए बिल में टैक्सपेयर्स चार्टर को भी शामिल किया गया है। ये चार्टर करदाताओं के अधिकारों की रक्षा करेगा।
नया इनकम टैक्स बिल क्यों लाया गय?
मौजूदा इनकम टैक्स अधिनियम कई दशकों पुराना हैं। जिस वजह से आज के तकनीकी समय में इसे जटिल समझा जा रहा है। इसलिए सरकार टैक्स सिस्टम को और ज्यादा आसान बनाना चाहती हैं। ताकि टैक्सपेयर्स को किसी समस्या का सामना न करना पड़े।
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