
Earn two and a half lakh rupees from barren land:भारत एक कृषि प्रधान देश है जिसमें ज्यादातर राज्य खेती करना पसंद करते है लेकिन कई बार खेती बंजर होकर रह जाती है इसका कारण खेत की जमीन पर ध्यान ना देने से होता है। वहीं बंजर जमीन पर खेती कर बहुत मुश्किल ही नहीं ना मुमकिल हो जाती है, लेकिन ये काम कर दिया है हिमाचल के एक 75 साल के शख्स ने।
दरअसल हिमाचल के राजिंदर ने बंजर भुमि को इतना उपजाऊ कर ली। उसने केवल 3 हजार रूपये लगकर ढाई लाख रूपये कमा लिया राजिंदर ने कैसे किया आज हम आपको इसी के बारे में बताते है। दरअसल राजिंदर कंवर कांगड़ा का रहने वाला है उनके पास 10 बीघा जमीन है जो बंजर हो गई थी लेकिन राजिंदर ने 3 हजार रूपये लगाकर उसमें गेंहू की खेती कर दिखाई।
हुआ यूं कि राजिंदर ने 2019 में झांसी में सुभाष पालेकर से प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण लिया। उनकी यह ट्रेनिंग 6 दिन तक चली जिसमें उन्हें प्राकृतिक खेती के हर पहलू को सीखने का मौका मिला। उसके बाद वह अपने घर लौटा और अपनी खेती पर परीक्षण किया। राजिंदर ने सबसे पहले साहिवाल नस्ल की गाय खरीदी. गाय के गोबर-मूत्र और स्थानीय वनस्पतियों से खाद बनाकर इसे उन्होंने खेतों प्रयोग किया।
राजिंदर ने प्राकृतिक खेती से 3 तरह की गेहूं उगाई है जिसमें स्थानीय किस्म के साथ, बंसी और काली गेहूं भी शामिल है। मिश्रित खेती के तौर पर उन्होंने गेहूं के साथ सरसों और मटर की फसल भी उगाई है। उन्होंने प्राकृतिक खेती में सिर्फ 3,000 रुपये खर्च कर 2,50,000 रुपये की कमाई की है। इस पर हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग का कहना है कि राजिंदर ने कभी खेती में केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया और जैसे-जैसे उन्हें सकारात्मक नतीजे मिलते गए वह और जोश के साथ इसमें जुट गए।
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