Explained: एक सुरंग, 2 फायदे...Z Morh सुरंग ने उड़ा दी चीन और पाकिस्तान की नींद; जानें भारत के लिए कैसे है गेमचेंजर

Explained: एक सुरंग, 2 फायदे...Z Morh सुरंग ने उड़ा दी चीन और पाकिस्तान की नींद; जानें भारत के लिए कैसे है गेमचेंजर

Z-Morh tunnel: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले का दौरा करेंगे। यहां वह 'जेड मोड़' सुरंग का उद्घाटन करेंगे। यह पीएम मोदी का जम्मू और कश्मीर का पहला दौरा होगा, जो 2024के विधानसभा चुनाव और केंद्र शासित प्रदेश में निर्वाचित सरकार के गठन के बाद हो रहा है। इस सुरंग का उद्घाटन देश के लिए महत्वपूर्ण है और इसे लेकर पाकिस्तान, चीन और भारत में चर्चा का विषय बना हुआ है।

'जेड मोड़' सुरंग की विशेषताएं और उद्देश्य

'जेड मोड़' सुरंग एक हिमस्खलन संभावित क्षेत्र में बनाई जा रही है। इस कारण, सर्दियों में सोनमर्ग तक सड़क पहुंचना कठिन हो जाता है। यह सुरंग कश्मीर के लोकप्रिय पर्यटन स्थल सोनमर्ग को पूरे साल संपर्क में रखेगी। इसका नाम 'जेड मोड़' इसलिए पड़ा क्योंकि यह Z-आकृति वाली सड़क पर स्थित है। सुरंग का मुख्य उद्देश्य श्रीनगर से सोनमर्ग और फिर लद्दाख तक यात्रा को सुगम बनाना है, खासकर सर्दियों में जब सामान्य रास्ते बंद हो जाते हैं।

भारत के लिए रणनीतिक महत्व

यह सुरंग कनेक्टिविटी के साथ-साथ रणनीतिक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है। यह लद्दाख और कश्मीर घाटी के बीच सालभर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी। इससे दोनों क्षेत्रों का विकास होगा। इसके अलावा, यह सुरंग भारतीय सेना के लिए भी अहम है। यह लद्दाख जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सैनिकों और साजो-सामान की त्वरित आवाजाही सुनिश्चित करेगी। जोजिला सुरंग के पूरे होने के बाद लद्दाख को और मजबूत कनेक्टिविटी मिलेगी।

प्रोजेक्ट का इतिहास और निर्माण प्रक्रिया

'जेड मोड़' सुरंग का निर्माण 2012में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने शुरू किया था। इसे बाद में राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के तहत पूरा किया गया। यह सुरंग 6.5किलोमीटर लंबी है और इसकी लागत 2,400करोड़ रुपये है। यह सुरंग जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर स्थित है, और इसका उद्घाटन भारतीय सेना और नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।

सुरक्षा दृष्टिकोण से अहम

इस सुरंग का निर्माण भारतीय सुरक्षा बलों के लिए भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। 1999के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना को आपूर्ति भेजने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। 'जेड मोड़' और 'जोजिला' सुरंगों के बन जाने से लद्दाख को कश्मीर से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे सैनिकों की त्वरित तैनाती संभव होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इन सुरंगों के पूरे होने से भारत को पाकिस्तान और चीन के मुकाबले भू-रणनीतिक दबाव बनाने में मदद मिलेगी, जिससे सुरक्षा बलों की कार्यवाही तेज और प्रभावी हो सकेगी।

इस सुरंग के उद्घाटन के साथ, 'जेड मोड़' सुरंग भारतीय सेना और नागरिकों के लिए सुरक्षा और कनेक्टिविटी में एक नया अध्याय शुरू करेगी।

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