Search KhabarFast

Press ESC to close

एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने 1,260 करोड़ रुपए में बेचा अपना बंगला, 11 साल पहले खरीदा था इतने करोड़ में

एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने 1,260 करोड़ रुपए में बेचा अपना बंगला, 11 साल पहले खरीदा था इतने करोड़ में

एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने दिल्ली के लुटियंस जोन में स्थित अपना बंगला बेच दिया है। यह बंगला रिकॉर्ड 1,260 करोड़ रुपए में बेचा गया है।  सिर्फ 11 साल पहले 2015 में उन्होंने 2.8 एकड़ में फैली यह प्रॉपर्टी 304 करोड़ में खरीदी थी। सिर्फ 11 साल में 4 गुना से भी ज्यादा मूल्य में सुभाष चंद्रा ने यह बंगला बेच दिया।

जानकारी के लिए बता दें कि सुभाष चंद्र हरियाणा में हिसार के रहने वाले हैं। वे हरियाणा से राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं।

 

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

Aaj Ka Mausam 21 September 2026: देश के 14 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, पहाड़ों में लैंडस्लाइड का खतरा, IMD ने जारी किया बड़ा अपडेट

Aaj Ka Mausam 21 September 2026: देश में मानसून अब अपने अंतिम दौर में है। इसी बीच मौसम विभाग ने यूपी, बिहार समेत 14 राज्यों में भारी बारि, गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। इश दौरान 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। वहीं पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के भूस्खलन का खतरा बनाए हुआ। इस लेकर मौसम विभाग ने लोगों से स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी लेने की सलाह दी गई है।

Kal Ka Mausam: 21 सितंबर को 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाओं से बढ़ेगी परेशानी

मानसून की विदाई के बीच देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 21 सितंबर को दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है।

'दीया जलाने का पैसा है, लेकिन हॉस्टल के लिए...', छात्राओं की पढ़ाई और PG खर्च पर राहुल गांधी ने PM मोदी से जवाब मांगा

Rahul Gandhi on PM Modi: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उनके जन्मदिन समारोह का जिक्र किया और इसे छात्रों के लिए बुनियादी ढांचे से जोड़ा। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार के पास दीये जलाने के लिए तो पैसा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए बुनियादी ढांचे और वित्तीय सहायता देने के लिए नहीं।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

Khabar Fast