Prakash Raj on SIR: अभिनेता-फिल्म निर्माता प्रकाश राज ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन संशोधन (SIR) का इस्तेमाल नागरिकों के मतदान अधिकारों को छीनने के लिए किया जा रहा है। तो वहीं, बेंगलुरु केंद्रीय नगर निगम ने एक्टर के इस दावे को खारिज कर दिया है कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। दरअसल, अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो पोस्ट में, प्रकाश राज ने चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि कुछ खास मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
प्रकाश राज ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
प्रकाश राज ते तहा ‘आप कुछ नागरिकों के मतदान अधिकारों को चुनकर नकार सकते हैं, जो शायद आपको दोबारा सत्ता में न चुनें...लेकिन क्या आप हमें अंततः आपको सत्ता से बेदखल करने से रोक सकते हैं?’ प्रकाश राज ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में संशोधन का उद्देश्य उसे साफ करना नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल की आलोचना करने वाले मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करना है। उन्होंने दावा किया कि मतदान करने और चुनाव में भाग लेने के अधिकार को छीना जा रहा है और नागरिकों द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया जाएगा। विपक्षी दलों और कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई है SIR के परिणामस्वरूप गलत तरीके से नाम हटाए जा सकते हैं, जिससे विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों, छात्रों और हाशिए पर रहने वाले समुदायों पर असर पड़ेगा।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया नियमित है और इसका उद्देश्य स्वच्छ और सटीक मतदाता सूची सुनिश्चित करना है। हालांकि, बेंगलुरु केंद्रीय नगर निगम ने कहा है कि मतदाता सूची से प्रकाश राज का नाम नहीं हटाया गया है। नगर निगम के अनुसार, 16 जून, 2026 को जब SIR गतिविधियों के लिए मतदाता सूची का डेटा फ्रीज किया गया था, तब तक उनका नाम 113 शांतिनगर विधानसभा क्षेत्र के क्रमांक 90, भाग क्रमांक 1 पर सक्रिय रूप से पंजीकृत था। अधिकारियों ने बताया कि बूथ स्तरीय अधिकारी द्वारा किए गए सत्यापन में पाया गया कि प्रकाश राज गार्डन अपार्टमेंट, नंबर 266 स्थित अपने पंजीकृत पते से स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं। पड़ोसियों, संपत्ति प्रबंधक और फ्लैट मालिक ने कथित तौर पर पुष्टि की कि वे पिछले चार वर्षों से इस पते पर नहीं रह रहे हैं।
एक महजर, या मौके पर निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की गई और चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार उनकी मतदाता स्थिति को "स्थानांतरित" के रूप में चिह्नित किया गया। संपत्ति प्रबंधक ने 11 अगस्त को अधिकारियों से फोन पर बातचीत के दौरान इस जानकारी की पुनः पुष्टि की। नगर निगम ने यह भी कहा कि प्रकाश राज ने स्वयं फोन पर पुष्टि की कि वे अब पंजीकृत पते पर नहीं रहते हैं, हालांकि वे शांतिनगर निर्वाचन क्षेत्र के भीतर किसी अन्य स्थान पर रहते हैं। अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी (केंद्रीय) और बेंगलुरु केंद्रीय नगर निगम के आयुक्त जगदीश जी ने कहा कि प्रकाश राज फॉर्म-6 के माध्यम से अपने वर्तमान निवास पर अपने मतदाता विवरण को पुनः पंजीकृत करा सकते हैं।
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अपने बयान में, नगर निकाय ने कहा कि प्रसारित वीडियो में लगाए गए आरोपों की ‘सत्यापन किया गया और वे असत्य पाए गए।‘ यह स्पष्टीकरण कर्नाटक में एसआईआर को लेकर चल रही व्यापक बहस के बीच आया है, जिसमें विपक्षी नेता और कार्यकर्ता संभावित गलत विलोपन पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूचियों को अद्यतन और साफ करने के उद्देश्य से की जा रही है।
मालूम हो कि प्रकाश राज, जिन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में बेंगलुरु सेंट्रल से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, भाजपा के मुखर आलोचक रहे हैं और लोकतंत्र, संघवाद और नागरिक स्वतंत्रता पर अक्सर बोलते रहे हैं। उनकी ये ताज़ा टिप्पणी बेंगलुरु की एक अदालत द्वारा जून 2026 में कथित तौर पर कई मतदाता पहचान पत्रों के मामले में उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने के कुछ महीनों बाद आई है। उन पर चार राज्यों में मतदाता पहचान पत्र रखने का आरोप था और कथित तौर पर दो बार समन मिलने के बावजूद वे अदालत में पेश नहीं हुए थे।