IAS बन कर किया पिता का सपना पूरा, अब बदल रहीं हैं जिले की तस्वीर

IAS बन कर किया पिता का सपना पूरा, अब बदल रहीं हैं जिले की तस्वीर

IAS Ankur Lather:  हिसार जिले के राजगढ़ गांव की बेटी, 2016 बैच की आईएएस डॉ. अंकुर लाठर की गिनती यूपी कैडर के तेज तर्रार अधिकारियों में होती है। डॉ. अंकुर लाठर ने पीएमटी टेस्ट पास कर एम्स दिल्ली से एमबीबीएस किया और दो साल तक एम्स में ही अपनी सेवाएं दीं लेकिन सिविल सेवा के जुनून ने उनकी राह बदल दी। उन्होंने भारतीय सिविल सेवा परीक्षा 2015 में 77वां स्थान प्राप्त किया और आज वह बुलंदशहर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष हैं और अपनी सोच से जिले की तस्वीर बदल रही हैं। 
 
'पिता का सपना पूरा किया'
 
आज डॉ. अंकुर लाठर के आईएएस बनने की कहानी काफी प्रेरक है। उन्होंने दसवीं में 94 और बारहवीं में 91 प्रतिशत अंक हासिल कर स्कूली शिक्षा पूरी की। उनके पिता डॉ कर्ण सिंह लाठर का सपना था कि वह आईएएस बने।डॉ अंकुर लाठर दो बहनों में सबसे बड़ी हैं। छोटी बहन ने भी एम्स से एमबीबीएस किया है। उनके पिता डॉ कर्ण सिंह लाठर वेटरनरी सर्जन हैं।डॉ अंकुर लाठर ने सिविल सेवा परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद मीडिया को बताया था कि जब वह स्कूल जाती थीं तो गांव में प्राइमरी तक का ही स्कूल था। जब वह चौथी कक्षा में पढ़ रही थी तो उनके पिता का हिसार ट्रांसफर हुआ, जिसके बाद उनका एडमिशन डीएवी स्कूल हिसार में करवा गया। वहीं से उन्होंने दसवीं बारहवीं की परीक्षा पास की।उन्होंने वर्ष 2013 में यूपीएससी की तैयारी करनी शुरू की और मेडिकल साइंस सब्जेक्ट को और मजबूत किया। उन्होंने जरनल नॉलेज की किताबें पढ़ी। वर्ष 2014 में सिविल सेवा परीक्षा दी रिजल्ट आया तो चयन नहीं हुआ। तब परिवार ने सबसे बड़ा सहारा दिया।
 
बदली दी जिले की तस्वीर 
 
बुलंदशहर में 360 करोड़ की लागत से बन रहे खुर्जा औद्योगिक पार्क, 1050 करोड़ से प्रस्तावित मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना, 5 करोड़ की लागत से बन रहे महर्षि वन, खुर्जा में 7 करोड़ की लागत से बने दुनिया के पहले सिरेमिक पार्क, जिले में 3.15 करोड़ की लागत से बने बुलंदशहर प्रवेश द्वार, इनडोर बैडमिंटन एवं लान टेनिस कोर्ट, योगा पार्क, ओपन जिम जैसी योजनाओं की सौगत देकर वर बुलंदशहर की तस्वीर बदल रही हैं। खुर्जा में बना अनोखी दुनिया- विश्व का पहला सिरेमिक वेस्ट पार्क है। सर्कुलर इकोनॉमी को प्रोत्साहित करने वाली इस पहल को स्कॉच अवार्ड के लिए नामित किया गया है। 10 जनवरी को यह वार्ड दिया जाएगा। बुलंदशहर खुर्जा मार्ग पर 3.15 करोड़ की लागत से सुंदर प्रवेश द्वार के माध्यम से शहर की एक नई पहचान प्रस्तुत की। बुलंदशहर का यह प्रवेश द्वार आज जिले की पहचान और युवाओं के बीच आकर्षण का केंद्र बन चुका है।
 
 
 

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