
नई दिल्ली: आज 4 नवंबर है यानि देव उठानी एकादशी है, यहां हर साल कार्तिक मास के शुल्क पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। हिन्दू मान्याता के अनुसार इस एकादशी को प्रबोधनी एकादशी, देवोत्थान एकादशी के नाम भी जाना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु के 4 महीने बाद योग निद्रा के उठने के उपलब्ध में रखा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है और उनसे परिवार के कल्याण की प्रार्थना की जाती है। वहीं इस दिन से ही शादियां सीजन शुरू हो जाता है।
मान्याता के अनुसार इस एकादशी के दिन सभी मांगलिक कार्य पुनः शुरू हो जाते हैं। हिंदू शास्त्रों में भी इस दिन को बहुत ही महत्वपूर्ण बताया गया है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा के साथ-साथ व्रत कथा का भी पाठ किया जाता है।
देवउठनी एकादशी पूजा मुहूर्त
देवउठनी एकादशी का पूजा मुहूर्त: 04 नवंबर, शुक्रवार, प्रातः 06: 35 मिनट से प्रातः 10: 42 मिनट के मध्य
लाभ-उन्नति मुहूर्त: 04 नवंबर, शुक्रवार, प्रातः 07:57 मिनट से प्रातः 09:20 मिनट तक
अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: 04 नवंबर, शुक्रवार, प्रातः 09:20 मिनट से प्रातः10: 42 मिनट तक
देवउठनी एकादशी पर करे ये उपाय
1. इस दिन पानी में एक चुटकी हल्दी डाल डाल कर स्नान करना चाहिए। साथ ही पीले रंग के वस्त्र धारण करके भगवान विष्णु की विधि-विधान से साधना करनी चाहिए।
2. इस दिन श्री हरि को गाय के दुध और फिर शंख में गंगाजल भर कर स्नान कराना चाहिए। साथ ही उन्हें पीले रंग के वस्त्र अर्पित करने चाहिए। मान्याता है कि ऐसा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा होती है।
3. इस दिन विष्णु जी की पूजा करते समय उन्हें केसर, पीले चंदन या हल्दी का तिलक लगाना चाहिए। साथ ही पूजा में पीले फूलो का इस्तेमाल करना चाहिए।
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