Kharge On Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने बड़ा कदम उठाया है। शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर INDIA गठबंधन ने प्रतीकात्मक 'जनता का महाभियोग' कार्यक्रम आयोजित किया। इस मॉक पार्लियामेंट में 21 विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए और पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने कार्यवाही की अध्यक्षता की। विपक्ष ने यह कदम SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने और चुनाव में कथित धांधली के विरोध में उठाया है।मॉक संसद में खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश करते हुए 6 गंभीर आरोप लगाए और इसे देशद्रोह करार दिया।
खरगे के 6 आरोप क्या हैं?
आरोप 1: CEC ने बीजेपी के साथ मिलकर वोट चोरी की आपराधिक साजिश रची। मतदाता सूचियों तक पहुंच देकर अपने हिसाब से नाम जोड़ने-हटाने और चुनाव परिणामों में हेरफेर की इजाजत दी।
आरोप 2: SIR के नाम पर 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटवाए। यह प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण और प्राकृतिक न्याय के खिलाफ थी, जिससे लोगों का वोटिंग का मौलिक अधिकार छीना गया।
आरोप 3: संसद को जानकारी दिए बिना Form 6 में गैरकानूनी संशोधन किया, ताकि नए वोटर्स का रजिस्ट्रेशन रोका जा सके।
आरोप 4: ERONET/ECINET सॉफ्टवेयर का गलत इस्तेमाल कर वोटर लिस्ट पर नियंत्रण केंद्रीकृत किया और EROs को पात्र वोटर्स के नाम जोड़ने से रोका।
आरोप 5: ECI के 7 सहयोगियों के साथ मिलकर कानून तोड़ा और दो अन्य चुनाव आयुक्तों को फैसले लेने से बाहर रखा, जिस पर उन्हें रिकॉर्ड में 14 आपत्तियां दर्ज करानी पड़ीं।
आरोप 6: संवैधानिक दायित्व भूलकर विपक्ष की अनदेखी की, उनके लिए ECI के दरवाजे बंद किए। सत्तारूढ़ पार्टी के प्रति आज्ञाकारिता के बदले परिवार को लाभकारी पद और आर्थिक लाभ दिलवाए। पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम किया।वहीं बीजेपी ने इस मॉक पार्लियामेंट को ड्रामा बताया। बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अराजकता फैलाने में नाकाम रहने के बाद कांग्रेस ने अपने शहजादे को खुश करने के लिए नकली संसद का आयोजन किया है।
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मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है। मॉक संसद में महाभियोग प्रस्ताव पेश करते हुए खरगे ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने राष्ट्रद्रोह किया है और उन पर महाभियोग चलाया जाना चाहिए। खरगे ने कहा, "हम घुसपैठियों को रखने के लिए नहीं, असली वोट न कटे इसके लिए लड़ रहे हैं। उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली बात हो रही है। प्रोटेस्ट पर रोक लगाया, मेट्रो रेल बंद की और हमको बोलते हैं कि अराजकता फैला रहे हैं। "उन्होंने अपनी तीन बड़ी मांगें रखीं - 'ज्ञानेश को हटाओ, SIR की प्रक्रिया रद्द करो, 2023 का कानून रद्द करो। 'खरगे ने आरोप लगाते हुए कहा, "मैं प्रस्ताव रखता हूं कि ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग चलाया जाए जो क्रिमिनल कांस्पीरेसी में शामिल हैं। उन्होंने कानून तोड़ा है। ज्ञानेश कुमार ने राष्ट्रद्रोह किया है।"खरगे ने कहा कि ज्ञानेश कुमार SIR के लिए सीधे जिम्मेदार हैं। उन्होंने 14 करोड़ वोटर डिलीट कर दिए। फॉर्म 6 में गड़बड़ी के लिए भी ज्ञानेश कुमार ही जिम्मेदार हैं। खरगे ने आगे कहा, "ज्ञानेश कुमार को मोदी द्वारा 2023 में आजीवन प्रोटेक्शन मिला है, वो इनको देश के खिलाफ क्रिमिनल चार्ज से बचाता है। उसको खत्म करना होगा। ज्ञानेश कुमार को कानून का सामना करना होगा।"