जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी में हुआ बवाल, दिवाली समारोह के दौरान बिगड़ा माहौल, मौके पर पुलिस फोर्स

जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी में हुआ बवाल, दिवाली समारोह के दौरान बिगड़ा माहौल, मौके पर पुलिस फोर्स

नई दिल्लीजामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में दिवाली समारोह के दौरान एक झड़प हुई। जिसमें धार्मिक नारों की वजह से माहौल को बिगाड़ दियाऔर इस वजह से पुलिस फोर्स को बुलाना पड़ा। इस घटना के दौरानछात्रों के दो समूहों में विवाद तब शुरू हुआ जब एक समूह ने दिवाली सेलिब्रेशन के दौरान "अल्लाह हू अकबर" और "फिलिस्तीन जिंदाबाद" जैसे नारे लगाए, जिससे दोनों पक्षों में तनाव बढ़ा। इस झड़प के दौरान, कुछ लोगों ने दिवाली की रंगोली को मिटाने और दीये बुझाने की कोशिश भी की, जिसने स्थिति को और बिगाड़ दिया।

जानकारी के मुताबिक, जेएमआई यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 7 के पास एबीवीपी के कुछ छात्र दीप जलाकर दिवाली उत्सव मना रहे थे। बताया जा रहा है कि तभी किसी दूसरे युवक का पैर दिए पर लग गया, जिसके बाद उनके बीच कहा-सुनी हो गई। यह पूरी घटना में मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे की है। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग इकट्ठा हो गए और धक्कामुक्की हो गई। बताया जाता है कि दोनों तरफ से जय श्रीराम और अल्लाह हू अकबर के नारे लगने लगे। यह हंगामा थोड़ी देर ही चला। फिलहाल पुलिस को कोई भी शिकायत नहीं दी गई है और यूनिवर्सिटी में शांति का माहौल है।

विश्वविद्यालय के परिसर में असहिष्णुता का एक कृत्य है

यह घटना जामिया मिल्लिया इस्लामिया के परिसर में धार्मिक सौहार्द्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सवालों को फिर से उठाती है। कुछ लोग इसे धार्मिक स्वतंत्रता के दायरे में देखते हैं, जबकि दूसरों का मानना है कि यह एक विश्वविद्यालय के परिसर में असहिष्णुता का एक कृत्य है। इस घटना ने सामुदायिक सद्भाव और शिक्षा संस्थानों में धार्मिक अभिव्यक्ति की सीमाओं पर बहस को प्रज्वलित कर दिया है।

शैक्षणिक संस्थानों में जहां विविधता और सहिष्णुता को बढ़ावा दिया जाना चाहिए

इस घटना के बादविश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने मामले को शांत करने और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कदम उठाए। ऐसी घटनाएं समाज में विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच बातचीत और समझ की आवश्यकता को दर्शाती हैं, खासकर शैक्षणिक संस्थानों में जहां विविधता और सहिष्णुता को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

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