दिल्ली में पुराने वाहन अब जब्त कर सीधे होंगे कबाड़, परिवहन विभाग ने दी चेतावनी

दिल्ली में पुराने वाहन अब जब्त कर सीधे होंगे कबाड़, परिवहन विभाग ने दी चेतावनी

Delhi Old Vehicles: दिल्ली में अब 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन सड़कों पर चलते या सार्वजनिक स्थानों पर खड़े मिले तो उन्हें जब्त कर सीधे स्क्रैप किया जाएगा। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने शनिवार को यह सख्त चेतावनी जारी की। यह कदम वायु प्रदूषण के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत उठाया गया है। विभाग ने अपने सार्वजनिक नोटिस में साफ किया है कि बीएस-III या उससे कम उत्सर्जन मानकों वाले एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल (ELV) अगर दिल्ली की सीमा में चलते या सार्वजनिक जगहों पर खड़े पाए गए तो बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के जब्त कर कबाड़ किए जाएंगे। सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद इन वाहनों पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है।

पार्किंग पर होगी कार्रवाई

परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से अभियान चल रहा था, लेकिन अब इसे और आक्रामक बनाया जाएगा। पहले सिर्फ सड़क पर चलते मिले वाहनों को जब्त कर चालान किया जाता था, लेकिन अब सार्वजनिक स्थानों पर खड़े वाहनों पर भी कार्रवाई होगी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 1 अक्टूबर 2025 से अब तक 7,789 वाहनों को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत जब्त किया गया है। यह योजना वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के दिशा-निर्देशों के तहत लागू होती है।

सरकार ने दी वाहन मालिकों को सलाह

अब वाहन मालिकों को गाजियाबाद या नोएडा जाने की जरूरत नहीं होगी। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के मोहन कोऑपरेटिव इंडस्ट्रियल एस्टेट स्थित अधिकृत स्क्रैपिंग यूनिट में जब्त वाहन भेजे जाएंगे। सरकार ने वाहन मालिकों को सलाह दी है कि वे अपने पुराने वाहनों को दिल्ली से बाहर ले जाने के लिए समय रहते नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) प्राप्त कर लें। पहले मालिकों को एक साल के भीतर वाहन ट्रांसफर करना होता था, लेकिन बाद में समय सीमा में कुछ राहत दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

दिल्ली सरकार ने दिसंबर 2021 में घोषणा की थी कि 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाएगा। तब से अब तक 55 लाख से अधिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया संशोधित आदेश के बाद अब बीएस-IV से नीचे के वाहनों पर सख्त कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। सरकार का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य राजधानी में प्रदूषण कम करना है।

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