दिल्ली के बाद अब एनसीआर में पुराने वाहनों पर होगी सख्ती? जानें क्या है सरकार की प्लानिंग

दिल्ली के बाद अब एनसीआर में पुराने वाहनों पर होगी सख्ती? जानें क्या है सरकार की प्लानिंग

No Fuel For Old Vehicles: 01 जुलाई से दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली सरकार ने एंड-ऑफ-लाइफ (EOL) वाहनों यानी 15 साल से पुराने पेट्रोल और CNG वाहनों तथा 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन देने पर प्रतिबंध लागू हो गया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह नियम दिल्ली के अलावा एनसीआर के अन्य शहरों में भी लागू होगा?

EOL की श्रेणी में कौन से वाहन आते हैं?

कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के निर्देशानुसार, 15 साल से ज्यादा पुराने यानी 2010से पहले रजिस्टर्ड पेट्रोल और CNG वाहन, तथा 10 साल से ज्यादा पुराने 2015 से पहले रजिस्टर्ड डीजल वाहन एंड-ऑफ-लाइफ (EOL) श्रेणी में आते हैं। इसके अलावा सभी प्रकार के वाहन, जिसमें दोपहिया, चारपहिया, कमर्शियल, और विंटेज वाहन शामिल हैं, चाहे वे दिल्ली में रजिस्टर्ड हों या किसी अन्य राज्य में।

दिल्ली के अलावा बाकी NCR में लागू होंगे ये नियम?

CAQM ने दिल्ली के बाद एनसीआर के अन्य शहरों में भी इस फ्यूल बैन को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बनाई है। एनसीआर में गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), और सोनीपत जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, 01 नवंबर 2025 से इन इलाकों में 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर फ्यूल बैन लागू होगा।

वहीं, 31 मार्च 2026 तक एनसीआर के बाकी जिलों, जैसे अलवर, भिवानी, झज्जर, और अन्य, में यह नियम लागू होगा। इसके अलावा 01 नवंबर 2025 से दिल्ली में गैर-दिल्ली पंजीकृत परिवहन और वाणिज्यिक माल वाहनों (जो BS-VI, CNG, LNG, या EV नहीं हैं) के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू होगा। हालांकि, आवश्यक वस्तुओं के परिवहन वाले वाहनों को छूट रहेगी। दिल्ली की तरह इन शहरों में भी ANPR कैमरे और VAHAN डेटाबेस का उपयोग होगा। ट्रैफिक निगरानी कैमरे और कमांड कंट्रोल सेंटर पुराने वाहनों की पहचान और जब्ती में सहायता करेंगे।  

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