
Delhi Election: दिल्ली में विधानसभा चुनाव के प्रचार का दौर सोमवार शाम को समाप्त हो जाएगा। पिछले एक महीने में, आम आदमी पार्टी (आप), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने पूरी कोशिश की है कि वे अपने पक्ष में माहौल बना सकें। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कई रैलियों को संबोधित किया। उनका उद्देश्य दिल्ली में भाजपा का "वनवास" खत्म करना था।
बता दें कि, रविवार को आरके पुरम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए PMमोदी ने पार्टी की जीत का विश्वास जताया। साथ ही, उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से मतदान केंद्रों तक 'थाली-घंटी और ढोल' के साथ जाने की अपील की, जो अब चर्चा का विषय बन गया है।
स्विंग वोटर्स को लुभाने के लिए 'उत्सव' तरीका अपनाया
PMमोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि वे मतदान के दिन कम से कम 5भाजपा समर्थकों को अपने साथ पोलिंग बूथ तक लेकर जाएं और पार्टी को वोट दिलवाएं। PMने कहा, "लोकतंत्र एक उत्सव है। चुनाव के दिन 20-25कार्यकर्ताओं के साथ वोट डालने निकलें। थाली बजाते-बजाते जाएं, घंटी बजाते-बजाते जाएं, ढोल बजाते-बजाते जाएं। लोकतंत्र का उत्सव मनाएं।" इस अपील का मकसद भाजपा कार्यकर्ताओं को उत्साहित करना था और यह संदेश देना था कि पार्टी की जीत निश्चित है।
भाजपा को जीत का पूरा भरोसा
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी भरोसा दिलाया कि भाजपा दिल्ली में अपना "वनवास" समाप्त करने जा रही है। उन्होंने 8फरवरी को दिल्ली में पार्टी की विजय सभा का भी जिक्र किया। PMने कहा, "हम 25साल बाद दिल्ली में भाजपा सरकार बनाने का सुनहरा अवसर पा रहे हैं। हमारी कोशिश सिर्फ विजय की नहीं, बल्कि प्रचंड बहुमत से जीतने की होनी चाहिए।"
'थाली-घंटी और ढोल' का मनोवैज्ञानिक असर
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि PMमोदी की यह अपील स्विंग वोटर्स को आकर्षित करने के लिए एक रणनीति है। इस बार, आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच कांटे का मुकाबला हो सकता है। कई वोटर मानते हैं कि चुनाव परिणाम '50-50' हो सकते हैं। PMमोदी का उद्देश्य उन स्विंग वोटर्स को प्रभावित करना है, जो अंतिम समय में अपना निर्णय बदल सकते हैं। जानकारों के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा ढोल और घंटी बजाते हुए निकलने से इन वोटर्स को यह संदेश मिलेगा कि भाजपा की जीत तय है। इससे वे भाजपा के पक्ष में वोट देने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
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