
Narela Murder Case: दिल्ली के नरेला इलाके में दुकानदार सुमित की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 06महीने से फरार चल रहे मुख्य आरोपी परवेश कुमार उर्फ ढिल्लू को 16मई को नजफगढ़ के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की मानें तो ढिल्लू ने अपने दो रिश्तेदारों के साथ मिलकर दुकानदार सुमित की हत्या की थी।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, साल 2024नवंबर को दिल्ली के नरेला थाना क्षेत्र में 28वर्षीय दुकानदार सुमित की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद से ही मुख्य आरोपी परवेश कुमार उर्फ ढिल्लू फरार था। जिसके कारण पुलिस ने उसकी तलाश में कई टीमें गठित की थीं। पुलिस के अनुसार, ढिल्लू ने अपने दो रिश्तेदारों, दीपांशु और राहुल हुड्डा, के साथ मिलकर सुमित की हत्या की थी। हत्या का कारण सुमित ने ढिल्लू की बहन के साथ कथित छेड़छाड़ और परेशान करना था। इसी बात का बदला लेने के लिए ढिल्लू ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया था।
06महीनों की कोशिशों के बाद क्राइम ब्रांच ने तकनीकी निगरानी और लगातार छापेमारी के आधार पर आखिरकार ढिल्लू को नजफगढ़ के पास से धर दबोच लिया। बता दें, सुमित हरियाणा के सोनीपत जिले के मंदौरा गांव का निवासी था और नरेला में एक छोटी सी किराने की दुकान चलाता था।
पुलिस पूछताछ में कबूल किया जुर्म
ढिल्लू की गिरफ्तार के बाद पुलिस लगातार उससे पूछताछ कर रही है। वहीं, अब ढिल्लू ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया सुमित अक्सर उसकी बहन को परेशान करता था, उसके साथ छेड़छाड़ करता था, जो उसकी बदनामी का कारण बन रहा था। इसलिए उसने अपने रिश्तेदारों दीपांशु और राहुल हुड्डा के साथ मिलकर सुमित की हत्या कर दी।
वहीं, डीसीपी आदित्य गौतम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया 'यह गिरफ्तारी क्राइम ब्रांच की मेहनत और तकनीकी विशेषज्ञता का नतीजा है। ढिल्लू एक कुख्यात अपराधी है और उसकी गिरफ्तारी से नरेला मर्डर केस की गुत्थी सुलझ गई है।' उन्होंने यह भी कहा कि बाकी दो आरोपियों, दीपांशु और राहुल हुड्डा, की तलाश के लिए छापेमारी जारी है।
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