Gomti Book Festival: लखनऊ यूनिवर्सिटी में शनिवार, 12 सितंबर को पांचवें गोमती बुक फेस्टिवल का आगाज हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फेस्टिवल का उद्घाटन किया और युवाओं से सोशल मीडिया पर समय बर्बाद करने के बजाय किताबें पढ़ने की आदत विकसित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी पढ़ाई के पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर किताबें पढ़नी चाहिए, ताकि वे समाज, देश और दुनिया को बेहतर तरीके से समझ सकें। मुख्यमंत्री ने बताया कि जब लखनऊ में बुक फेस्टिवल आयोजित करने का विचार सामने आया था, तब उन्हें इसके परिणाम को लेकर थोड़ी झिझक थी। आयोजन की पहल युवराज मलिक ने की थी। उस समय अपर मुख्य सचिव रहे अवनीश अवस्थी ने भी इस पहल को बढ़ावा देने का सुझाव दिया था। इसके बाद सरकार ने आयोजन को मंजूरी दी।
बुक फेस्टिवल का उद्देश्य
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुक फेस्टिवल का उद्देश्य युवाओं, लेखकों और प्रकाशकों को एक मंच देना है। यहां युवा लेखकों से मिल सकते हैं, उनकी बातें सुन सकते हैं और अलग-अलग विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस बात को नहीं मानते कि आज के युवा किताबें नहीं पढ़ते। उन्होंने कहा कि असल जरूरत युवाओं तक किताबें पहुंचाने की है। योगी ने बताया कि पिछले आयोजनों में गोरखपुर में लोगों की भागीदारी लखनऊ से भी ज्यादा रही और वहां किताबों की खरीद भी अधिक हुई।
योगी ने पुरानी ज्ञान परंपरा का किया जिक्र
उन्होंने युवाओं से घर में अपना ‘बुक बैंक’ बनाने की अपील की। योगी ने कहा कि ऐसी किताबें खरीदनी चाहिए, जो रचनात्मक सोच और अच्छे विचारों को बढ़ावा दें। उन्होंने बच्चों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किताब ‘Exam Warriors’ पढ़ने की सलाह भी दी। मुख्यमंत्री ने भारत की पुरानी ज्ञान परंपरा का जिक्र करते हुए संस्कृत वाक्य ‘आ नो भद्रा: क्रतवो यन्तु विश्वत:’ का उल्लेख किया। इसका अर्थ है कि अच्छे विचार हर दिशा से हमारे पास आएं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ऐतिहासिक रूप से ज्ञान का बड़ा केंद्र रहा है। नैमिषारण्य, काशी, प्रयागराज कुंभ और मुजफ्फरनगर के सुख तीर्थ का उन्होंने विशेष रूप से जिक्र किया।
सरकार की इस योजना को मिलेगा बढ़ावा
योगी ने बताया कि प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय बनाए गए हैं, जहां कॉन्फ्रेंस रूम, डिजिटल लाइब्रेरी और नेशनल बुक ट्रस्ट की किताबें उपलब्ध कराई गई हैं। स्कूलों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत डिजिटल लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास की व्यवस्था भी की गई है। 9 दिन तक चलने वाला गोमती बुक फेस्टिवल 12 से 20 सितंबर तक आयोजित होगा। इसमें 200 से ज्यादा स्टॉल लगाए गए हैं और देशभर के 120 से अधिक प्रकाशक हिस्सा ले रहे हैं। फेस्टिवल में साहित्यिक सत्र, लेखकों से मुलाकात, पैनल चर्चा, किताबों का विमोचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बच्चों के लिए कई गतिविधियां होंगी। सरकार की योजना इस आयोजन को लखनऊ से आगे दूसरे क्षेत्रों तक भी ले जाने की है।
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