CJP Parliament March: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता संसद मार्च की तैयारी में जुटे हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस का कहना है कि संसद मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मार्च सबसे पहले पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने प्रस्तावित किया था। हालांकि, 20 दिनों के आमरण अनशन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके सहयोगी दास ने बताया कि सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है और उन्होंने देशभर के युवाओं को अपनी शुभकामनाएं भेजी हैं।
CJP का दावा
वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधि जल्द ही केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया है कि सरकार ने खुद बातचीत के लिए उनसे संपर्क किया है। सौरव दास ने एक्स पर लिखा, ‘सुबह के 11:52 बजे हैं। आशुतोष रांका और मैं, कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से, जे.पी. नड्डा से मिलने जा रहे हैं. सरकार सुबह बातचीत के लिए आई थी। हमारी मांगें साफ हैं. युवा भारी संख्या में जमा हुए हैं।
शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन
दास ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जल्द ही किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि पिछले 30 दिनों से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया जा रहा है और आगे भी इसी तरह अपनी बात सरकार तक पहुंचाई जाएगी। इससे पहले सोनम वांगचुक ने कहा था कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में हुई गड़बड़ियों, खासकर पेपर लीक जैसे मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करती है या सांसद संसद के मानसून सत्र में शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का भरोसा देते हैं, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी तीन प्रमुख मांगों का भी उल्लेख किया था।
भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च- अभिजीत
इस बीच, संसद मार्च से पहले बड़ी संख्या में CJP समर्थक जंतर-मंतर पर पहुंच गए हैं। पार्टी के अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें संसद जाने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने दावा किया कि यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च होगा। अभिजीत डिपके ने कहा कि पिछले एक महीने से चल रहे धरने ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की ताकत दिखाई है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों से लोग लगातार जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं और प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।
दिल्ली पुलिस की एडवाइजरी
उधर, दिल्ली पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर स्पष्ट किया है कि संसद मार्च के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं दी गई है। नई दिल्ली जिले में लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने, शांति बनाए रखने और सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
Also read: ‘सेहत के सभी मापदंड सामान्य’, 'संसद चलो' मार्च के लिए सोनम वांगचुक ने अस्पताल को लिखी चिट्ठी; बोले – मुझे छुट्टी...