
Valentine's Week:वैलेंटाइन वीक का आज तीसरा दिन है और तीसरे दिन यानी 9 फरवरी को चॉकलेट डे मनाया जाता है। वैसे चॉकलेट डे मुंह और रिश्ते दोनों में मिठास घोलने का काम करती है। प्यार में मिठास जरूरी होती है और चॉकलेट मीठे के तौर पर दुनियाभर में उपयोग की जाने वाली मिठाई है। चॉकलेट के सेवन से न केवल प्यार बल्कि मानसिक तनाव को कम करने, ब्लड प्रेशर सुधारने और त्वचा में निखार लाने में भी असरदार है।हर साल फरवरी के दूसरे सप्ताह में वैलेंटाइन्स वीक मनाया जाता है।
इस वीक में अलग-अलग दिन में अलग-अलग डे मनाए जाते है। पहले दिन यानी 7 फरवरी को रोज डे मनाया गया और आखिरी दिन 14 फरवरी को वैलेंटाइन्स डे सेलिब्रेट कर इस वीक को खत्म किया जाता है। लेकिन ज्यादातर लोगों को चॉकलेट की शुरूआत कहां से हुई इसके बारे में नहीं जानते है तो चलिए आज इसी पर बात करते है।
चॉकलेट का इतिहास
बताया जाता है कि चॉकलेट की शुरूआत 1519 में की गई थी। दरअसल एक स्पेनिश खोजकर्ता हर्नान कोर्टेस को चॉकलेट पीने के लिए दिया गया, जिसे वह अपने साथ स्पेन ले गया और बेहतर स्वाद के लिए उसमें वेनिला, चीनी और दालचीनी मिला दी। इसके बाद, सन 1550 में यूरोप में पहली बार 7 जुलाई के ही दिन चॉकलेट डे मनाया गया था। इसके बाद दुनिया भर के कई देशों में मनाया जाने लगा।
इसके अलावा कई बड़ी चॉकलेट कंपनियों की शुरुआत 19वीं और 20वीं शताब्दी हुई। कैडबरी, इंग्लैंड में 1868 में शुरू हुआ। इसके 25 साल बाद शिकागो में वर्ल्ड्स कोलंबियन एक्सपोज़िशन में चॉकलेट प्रोसेसिंग औजार खरीदे गए मिल्टन एस. हर्शे।अब दुनिया के सबसे बड़े और विश्व-प्रसिद्ध चॉकलेट क्रिएटर्स में से एक हैं। उन्होंने चॉकलेट-लेपित कारमेल का उत्पादन करके कंपनी शुरू की। नेस्ले की शुरुआत 1860 के दशक में हुई थी और यह दुनिया के सबसे बड़े खाद्य समूहों में से एक बन गया है।
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