Uttrakhand: प्राकृतिक कहर के कारण चारधाम यात्रा स्थगित, जानिए कब से दोबारा होगी शुरु?

Uttrakhand: प्राकृतिक कहर के कारण चारधाम यात्रा स्थगित, जानिए कब से दोबारा होगी शुरु?

Char Dham Yatra: उत्तराखंड में लगातार भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका के चलते चारधाम यात्रा को 24 घंटे के लिए रोक दिया गया है। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने शनिवार को यह फैसला लिया, जिसमें यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा पर रोक लगाई गई है। हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, सोनप्रयाग और विकासनगर में तीर्थयात्रियों को रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

ब्लॉक रूट के चलते फंसे श्रद्धालु

यमुनोत्री धाम की ओर जाने वाले जानकीचट्टी, फूलचट्टी, खरसाली, राना चट्टी और स्याना चट्टी में 1,000 से अधिक श्रद्धालु फंसे हैं। यमुनोत्री हाईवे सहित कई मार्ग मलबे और लैंडस्लाइड से बंद हैं। रुद्रप्रयाग में सिरोबगड़ के पास बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग भी ब्लॉक है, और इसे खोलने के लिए कार्य चल रहा है। राहत और बचाव टीमें सक्रिय हैं, और जिला प्रशासन को श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अलर्ट पर रखा गया है।

मौसम को देखते हुए जारी अलर्ट

मौसम विभाग ने रविवार और सोमवार के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया। आयुक्त पांडेय ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। अगले 24 घंटों में मौसम और मार्गों की स्थिति की समीक्षा के बाद यात्रा फिर से शुरू करने का निर्णय होगा। श्रद्धालुओं से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने और मौसम सामान्य होने तक यात्रा टालने की अपील की गई है। रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि में भारी बारिश से स्टेट बैंक मोहल्ले में घरों और दुकानों में पानी घुस गया। लोग रातभर सामान बचाने में जुटे रहे। श्रीनगर डैम प्राधिकरण ने बताया कि अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों में मलबे के कारण 29 जून को सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक 2,500-3,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है।

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