
नई दिल्ली: धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक ग्रहण की घटना को अशुभ माना गया है। वहीं इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों की मनाही होती है। ग्रहण का प्रभाव जीव-जन्तुओं से लेकर मानव जाति पर भी पड़ता है। 8नवंबर 2022मंगलवार के दिन साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। चंद्र ग्रहण किसी भी माह के पूर्णिमा तिथि के दिन ही लगता है।
बता दें कि ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक ग्रहण के वक्त कई ऐसी चीजे होती है जिसे करने की मनाही होती है। इस समय सिर्फ भगवान का स्मरण करने की सलाह दी जाती है। ज्योतिष शास्त्र में कुछ चमत्कारी और शक्तिशाली मंत्रों के जाप के बारे में बताया गया है, जिनका जाप करने से व्यक्ति की सभी समस्याएं छूमंतर हो जाएंगी।आपको बता दें कि इससे पहले दिवाली पर सूर्य ग्रहण लगा था और अब देव दीपावली पर चंद्र ग्रहण लग रहा है। आपको बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुा है जब दिवाली और देव दीपावली पर सूर्य और चंद्र ग्रहण लग रहे हों। इससे पहले भी 2012में भी चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण दिवाली और देव दीपावी के दिन लगे थे। इसके बाद अब अब ऐसा संयोग 18साल बाद बनेगा। 2040में 4नवंबर को दिवाली पर आंशिक सूर्य ग्रहण और 18नवंबर को देव दिवाली पर पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा। स्र्य ग्रहण का धार्मिक महत्व नहीं होगा, क्योंकि यह बारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन चंद्र ग्रहण पूर्ण होगा और यह भारत में दिखाई देगा। चंद्रग्रहण 8नवंबर को आंशिक चंद्रगहण दोपहर 2.39से शाम 6.19बजे तक तक लगेगा। देश के अधिकतर भागों में आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा, लेकिन पूर्वोत्तर के राज्यो में ही पूर्ण चन्द्रग्रहण दिखाई देगा।
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें न करें
1चंद्र ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ नहीं करना चाहिए. मंदिर या घर के मंदिर के पट भी इस दौरान पट बंद किए जाते हैं।
2सूतक काल के दौरान कुछ खाएं-पिएं नहीं। पके हुए भोजन, दूध, दही आदि में तुलसी के पत्ते डाल दें। ताकि चंद्र ग्रहण का नकारात्मक असर भोजन पर न पड़ें.
3चंद्र ग्रहण के बाद स्नान-दान जरूर करें।
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