
Pension Scheme For Gig Workers: केंद्र सरकार ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ जुड़कर सेवा प्रदान कर रहे असंगठित क्षेत्रों ( गिग वर्कर) को सामाजिक सुरक्षा के तहत पेंशन देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए ऐसे कर्माचारी को ईपीएफओ के दायरे में लाने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। इस संबंध में कैबिनेट की मंजूरी के लिए जल्द ही एक प्रस्ताव पेश किया जा सकता है। मंजूरी मिलने के बाद सालभर के अंदर देशभर के करीब सवा करोड़ गिग वर्कर्स को पेंशन दिया जाएगा।
कर्माचारियों का नहीं कटेगा पैसा
सूत्रों का कहना है कि पेंशन योजना में शामिल होने के लिए गिग वर्कर पर कोई अतिरिक्त वित्तिय भार नहीं पड़ेगा। यानी उनकी सैलरी से इसके लिए कोई पैसा नहीं कटेगा। सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 के तहत ऑनलाइन फ्लेटफॉर्म के जरिए वस्तु एंव सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों से कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व निधि के तहत पेंशन से जुड़ा अंशदान लिया जाएगा।
ऐसे मिलेगा योजना का लाभ
अगर कोई व्यक्ति शुरुआत में गिग वर्क है लेकिन, कुछ समय के बाद सरकारी या संगठित क्षेत्रों में नौकरी करता है, तो पेंशन में जमा राशि नए पीएफ खाते में ट्रांसफर हो जाएगी। वहीं, रिटायरमेंट के बाद पेंशन शुरू करने का विकल्प मिलेगा। अगर कोई व्यक्ति चाहता है कि पेंशन 58 से नहीं 65 की आयु से दी जाए तो वह विकल्प भी दिया जाएगा।
बजट में भी किया गया है प्रावधान
वित्त वर्ष 2005-06 के आम बजट में केंद्र सरकार ने ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत एक करोड़ गिग वर्कस को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थय कवरेज देने का ऐलान किया है। अब सरकार समाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पेंशन योजना का भी लाभ देने जा रही है। बता दें कि इस बार श्रम रोजगार मंत्रालय को 32,646 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। जो अब तक की सबसे अधिक राशि है।
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