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हिमाचल में सेब का नया विकल्प बनेगी ब्लूबेरी, किसानों के लिए तैयार किए गए 5 लाख पौधे

हिमाचल में सेब का नया विकल्प बनेगी ब्लूबेरी, किसानों के लिए तैयार किए गए 5 लाख पौधे

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में जलवायु परिवर्तन का असर सेब की खेती पर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में राज्य सरकार अब ब्लूबेरी को भविष्य की नई और लाभदायक फसल के रूप में बढ़ावा दे रही है। सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में ब्लूबेरी किसानों के लिए सेब का मजबूत विकल्प बन सकती है। सरकार ने व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए ब्लूबेरी की 12 उन्नत किस्मों के करीब 5 लाख पौधे तैयार किए हैं। इन पौधों को चरणबद्ध तरीके से बागवानों को उपलब्ध कराया जाएगा। एक पौधे की कीमत करीब 600 रुपये रखी गई है।

ब्लूबेरी की खेती को लेकर चलाई गई थीं परियोजनाएं चलाई 

ब्लूबेरी की खेती को लेकर कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर, उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, बजौरा, खड़ापत्थर और जोगेंद्रनगर में पायलट परियोजनाएं चलाई गई थीं। इन सभी जगहों पर अच्छे परिणाम मिलने के बाद अब इसकी खेती का विस्तार किया जा रहा है। अलग-अलग ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए अलग-अलग किस्में तैयार की गई हैं। इनमें ड्यूक, लैगेसी, ब्लूक्रॉप, स्पार्टन और इलियट जैसी किस्में शामिल हैं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ? 

विशेषज्ञों के अनुसार ब्लूबेरी की खेती पालीहाउस और नियंत्रित वातावरण में बेहतर होती है। इसके पौधे टिशू कल्चर तकनीक से तैयार किए जा रहे हैं। इसके लिए उच्च गुणवत्ता वाला जर्मप्लाज्म और आधुनिक तकनीक इटली सहित अन्य देशों से लाई गई है। बाजार में ब्लूबेरी की अच्छी मांग है। इसकी गुणवत्ता के आधार पर कीमत 800 रुपये से लेकर 2,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक मिल सकती है। इससे किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है।

मौसम का बुरा असर 

हिमाचल की करीब 4,500 करोड़ रुपये की सेब अर्थव्यवस्था पर पिछले कुछ वर्षों से मौसम का बुरा असर पड़ रहा है। बढ़ते तापमान, कम चिलिंग आवर्स, ओलावृष्टि, तेज हवाओं और बेमौसम बारिश के कारण सेब का उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हुए हैं। यही कारण है कि सरकार अब वैकल्पिक फसलों पर भी ध्यान दे रही है।

ब्लूबेरी स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद 

ब्लूबेरी केवल कमाई का अच्छा साधन ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और विटामिन ए, सी व ई भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसका सेवन हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर और उच्च कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों के खतरे को कम करने में मददगार माना जाता है। बढ़ती वैश्विक मांग को देखते हुए ब्लूबेरी की खेती किसानों के लिए भविष्य में बेहतर आय का जरिया बन सकती है। 

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