
Sharjeel Imam: दिल्ली दंगे का आरोपी शरजील इमाम जब ईद के मौके पर अपने घर पहुंचा, तो वह पूरी तरह भावुक हो उठा। बता दें कि शरजील इमाम बिहार के जहानाबाद का रहने वाला है। जहां उसका पैतृक आवास है।
दिल्ली की एक अदालत ने मानवीय आधार पर शरजील इमाम को 20 मार्च से 30 मार्च तक अंतरिम जमानत दी है। शरजील के वकील ने कोर्ट में दलील थी कि उनके भाई का निकाह और 28 मार्च को रिसेप्शन है। वकील ने कहा था कि शरजील की मां भी बीमार है।
परिवार वालों ने क्या कहा
जेल से बाहर आने के बाद शरजील ने सबसे पहले अपने परिजनों और शुभचिंतकों से भेंट की। शरजील के भाई मुजम्मिल इमाम ने भावुक होते हुए कहा कि 6 साल के लंबे अंतराल के बाद यह पहला मौका है जब भाई तिहाड़ से बाहर आया है। पहले पेरोल का कोई ठोस आधार नहीं था लेकिन, इस बार कोर्ट ने हमारी भावना को समझा। शरजील के भाई ने कहा कि हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि देर से ही सही, इंसाफ जरूर मिलेगा।
सोशल मीडिया यूज पर पाबंदी
कोर्ट की तरफ से शरजील इमाम को शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दी है। जेल के बाहर रहते हुए शरजील पर किसी भी सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म का उपयोग करने पर मनाही है। इस दौरान वह केवल परिवार और अपने करीबी रिश्तेदारों से ही मिल सकती है। पेरोल के दौरान उन्हें निर्धारित स्थान के भीतर ही रहना होगा और किसी भी तरह के राजनीतिक कार्यक्रम से दूर रहना होगा।
शरजील पर क्या है आरोप
बता दें कि साल 2020 में दिल्ली में हुए दंगों के बाद शरजील इमाम को मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली दंगे में 54 लोगों की जान गई थी। उस वक्त से शरजील तिहाड़ जेल में बंद है। इस साल 5 जनवरी को उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज हो गई थी। जिसके बाद मार्च में अंतरिम जमानत उनके लिए राहत लेकर आई।
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