Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज पटना के पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र में CtrlS डेटा सेंटर का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने डेटा सेंटर के प्रथम तल पर बने कक्ष का निरीक्षण किया और वहां से संचालित होने वाले डिजिटल कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में डेटा सेंटर की शुरुआत राज्य के डिजिटल बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे राज्य में आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि उद्योग विभाग और CtrlS कंपनी के बीच 10 हजार करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ है। इसके माध्यम से भविष्य में आईटी, एआई और अन्य औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने CtrlS के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीधर पिन्नापुरेड्डी और उनकी पूरी टीम को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पहली बार इस प्रकार के डेटा सेंटर की शुरुआत हो रही है। यह राज्य में तकनीकी विकास और औद्योगिक बदलाव की नई नींव रखेगा। उन्होंने कंपनी से बिहार में डेटा सेंटर क्षेत्र के विस्तार की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
5 साल में 1,000 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अगले पांच वर्षों में बिहार में कम-से-कम 1,000 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए बिजली की पर्याप्त उपलब्धता और मजबूत बुनियादी ढांचा जरूरी है। राज्य सरकार नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी संभावनाएं तलाश रही है, ताकि उद्योगों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि बिहार में बिजली की उपलब्धता और आधारभूत संरचनाओं में सुधार हुआ है। अब उद्योगों का विस्तार कर राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देने की जरूरत है। निवेश बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
13 हजार एकड़ भूमि से औद्योगिक विकास को मिलेगा आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने लगभग 13,000 एकड़ भूमि से संबंधित प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों के विकास के लिए आधार तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने गंगा पार और हाजीपुर क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण सहित अन्य औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बन रहे एक्सप्रेस-वे, हाईवे और अन्य आधारभूत संरचनाओं को औद्योगिक विकास से जोड़कर निवेश के नए अवसर तैयार किए जाएंगे।
बिहार का राजस्व 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार का बजट लगभग 3.47 लाख करोड़ रुपये है, जबकि राज्य का अपना राजस्व करीब 70,000 करोड़ रुपये है। उन्होंने राज्य के राजस्व को बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उद्योग, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में व्यापक विस्तार जरूरी है। राज्य सरकार निवेशकों को प्रोत्साहित करने और उद्योगों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
पीएम मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में वर्ष 2005 से 2025 के बीच सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। अब इन सुविधाओं के विस्तार के साथ औद्योगिक विकास को तेज गति देने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नए निवेश और तकनीकी परियोजनाओं से बिहार की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और राज्य के विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।
बिहार IT पॉलिसी 2024 के तहत स्थापित हुआ डेटा सेंटर
CtrlS ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत बिहार आईटी पॉलिसी 2024 के तहत राज्य में डेटा सेंटर स्थापित किया है। कार्यक्रम में CtrlS डेटासेंटर्स लिमिटेड के संस्थापक एवं CEO श्रीधर पिन्नापुरेड्डी ने अंगवस्त्र भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, BIADA के प्रबंध निदेशक नवीन कुमार, उद्योग विभाग के निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता और CtrlS के कार्यकारी निदेशक कमलवर्धन राव सहित कई अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।