Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित है। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत रखते हैं। कुछ लोग पूरे नौ दिन उपवास करते हैं, जबकि कई भक्त पहले और आखिरी दिन व्रत रखते हैं। वहीं, कुछ लोग अष्टमी या नवमी के दिन उपवास करके नवरात्रि का समापन करते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि व्रत रखने के क्या नियम हैं और इसे कब खोलना चाहिए।
क्या नवरात्रि के पूरे नौ दिन व्रत रखना जरूरी है?
नहीं, नवरात्रि में सभी नौ दिन व्रत रखना हर भक्त के लिए जरूरी नहीं है। व्रत की अवधि परिवार की परंपरा, क्षेत्रीय मान्यताओं और व्यक्ति की क्षमता पर निर्भर करती है। भक्त अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार व्रत रख सकते हैं। नवरात्रि में आमतौर पर पांच तरह से व्रत रखा जाता है। कुछ भक्त 11 अक्टूबर से नवरात्रि के समापन तक पूरे नौ दिन उपवास करते हैं। कई लोग पहले और आखिरी दिन व्रत रखते हैं। इसके अलावा दुर्गा अष्टमी, महानवमी या अपनी सुविधा के अनुसार चुने हुए दिनों में भी व्रत रखा जा सकता है।
अष्टमी या नवमी, किस दिन रखें व्रत?
शारदीय नवरात्रि में दुर्गा अष्टमी और महानवमी दोनों का विशेष महत्व है। साल 2026 में दुर्गा अष्टमी 19 अक्टूबर को पड़ रही है। इस दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। कई भक्त उपवास रखते हैं और कन्या पूजन करते हैं। वहीं, महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। जो लोग नवमी के दिन व्रत पूरा करते हैं, वे अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।
कुछ परिवारों में अष्टमी को व्रत खोलने की परंपरा है, जबकि दूसरे परिवार नवमी को व्रत का समापन करते हैं। इसलिए किसी एक दिन को सभी के लिए अनिवार्य नहीं माना जाना चाहिए। अष्टमी और नवमी की तिथियों में अंतर को देखते हुए अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा का समय जरूर जांच लें। कुछ पंचांगों में दोनों तिथियों से जुड़े अनुष्ठान 19 अक्टूबर को बताए जा सकते हैं, जबकि कुछ में नवमी 20 अक्टूबर को मनाई जा सकती है।
नवरात्रि व्रत में क्या खाएं और किन चीजों से बचें?
व्रत के दौरान फल, दूध, दही, सूखे मेवे, साबूदाना, मखाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और आलू जैसी व्रत में खाई जाने वाली चीजों का सेवन किया जा सकता है। सेंधा नमक का इस्तेमाल भी कई परिवारों में किया जाता है। इस दौरान सामान्य अनाज, दालें, मांस, प्याज और लहसुन से परहेज किया जाता है। हालांकि, खानपान के नियम अलग-अलग परंपराओं के अनुसार बदल सकते हैं।
कब खोलें नवरात्रि का व्रत?
नवरात्रि का व्रत खोलने का समय भी परिवार की परंपरा पर निर्भर करता है। कई भक्त अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन और पूजा के बाद व्रत खोलते हैं। कुछ लोग निर्धारित धार्मिक अनुष्ठान पूरा होने तक उपवास रखते हैं। गर्भवती महिलाओं, बीमार लोगों और नियमित दवाएं लेने वालों को कठिन उपवास रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। व्रत में अपनी सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है।
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