Bihar News: बिहार में सहकारिता क्षेत्र को अधिक सशक्त, कुशल और रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में पहल की जा रही है। राज्य की लगभग 26 हजार सहकारी समितियों से जुड़े करीब 1.6 करोड़ लोगों को प्रशिक्षित करने और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ कौशल विकास और व्यावसायिक दक्षता को बढ़ावा दिया जाएगा। यह जानकारी सहयोग समितियों के निबंधक रजनीश कुमार सिंह ने मंगलवार को पटना में आयोजित राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण ढांचे (NCTF) की पूर्वी क्षेत्रीय परामर्श बैठक में दी।
पटना स्थित डी.एन.एस. क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान में सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार और त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में इस बैठक का आयोजन किया गया। इसमें सहकारी क्षेत्र में प्रशिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने, कुशल मानव संसाधन विकसित करने और सहकारी संस्थाओं को अधिक पेशेवर एवं सक्षम बनाने पर चर्चा हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए रजनीश कुमार सिंह ने कहा कि बिहार में करीब 26 हजार सहकारी समितियों के माध्यम से लगभग 1.6 करोड़ लोग सहकारिता क्षेत्र से जुड़े हैं। यह राज्य की कुल आबादी का लगभग 10 प्रतिशत और वयस्क आबादी का अनुमानित 20 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े जनसमूह की क्षमता बढ़ाने के लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण और कौशल विकास बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बिहार को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ही रोजगार के अवसर पैदा करना सहकारिता विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी से बिहार की जरूरतों के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करने में सहयोग करने का अनुरोध किया। इससे सहकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकेगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के लिए बनेगा डिजिटल डैशबोर्ड
त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी के कुलपति एस.पी. सिंह ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को युवाओं के लिए आकर्षक बनाने और इसमें पेशेवर प्रतिभाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी, सुलभ और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से डिजिटल डैशबोर्ड विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने सहकारी संस्थाओं की बदलती जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाने और युवाओं को इस क्षेत्र से जोड़ने पर जोर दिया।
सहकार से समृद्धि' के लक्ष्य को मिलेगी मजबूती
सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के निदेशक (नीति) मुकेश कुमार ने भी बैठक को संबोधित किया। राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण ढांचे का उद्देश्य 'सहकार से समृद्धि' के दृष्टिकोण के अनुरूप सहकारी क्षेत्र में मानव संसाधन विकास और कौशल संवर्धन को मजबूत करना है। इसके तहत देशभर में व्यापक प्रशिक्षण नेटवर्क विकसित करने और सहकारी संस्थाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बैठक में राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने, सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों और सदस्यों की प्रशिक्षण जरूरतों की पहचान करने तथा प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई। विभिन्न राज्यों और सहकारी संस्थाओं के अनुभवों एवं सुझावों के आधार पर राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण ढांचे को अधिक उपयोगी और परिणामोन्मुखी बनाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
इस अवसर पर अपर निबंधक रामनाथ पांडेय, त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी के फैकल्टी सदस्य प्रो. जे.के. गर्ग, नाबार्ड और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के प्रतिनिधि, बिहार सहकारिता विभाग के पदाधिकारी तथा चिह्नित पैक्सों के अध्यक्ष मौजूद रहे।
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