BHAI DOOJ 2022: जल्दी से कर लें अपने भाई को तिलक, शुभ मुहूर्त में बचे है केवल 4 घंटे

BHAI DOOJ 2022: जल्दी से कर लें अपने भाई को तिलक, शुभ मुहूर्त में बचे है केवल 4 घंटे

नई दिल्ली: आज दिवाली पर्व का आखिरी दिन है यानी आज भी देश के ज्यादातर हिस्सों में भाईदूज मनाया जा रहा है। कायदे से दिवाली पर्व में सबसे पहले धनतेरस का पर्व होता है उसे अगले दिन दिवाली मनाई जाती है और दिवाली के अगले दिन गोवर्धन की पूजा की जाती है। लेकिन इस साल दिवाली के अगले दिन सूर्य ग्रहण लगा जिसके कारण दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा नहीं की गई। वहीं कल (26 अक्टूबर) गोवर्धन पूजा की गई। साथ ही कुछ लोगों ने दोपहर के बाद भाईदूज भी मनाया। वहीं आज (27 अक्टूबर) भी लोग भाईदूज का तयोहार मना रहा है।

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितिया तिथि पर भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। इस दिन भाई बहन के घर जाता है और बहन भाई का तिलक करती है और भोजन भी खिलाती है।

दो दिन क्यों मनाया जा रहा है भाईदूज

दरअसल दिवाली से अगले दिन सूर्य ग्रहण लग गए जो अगले दिन के लगा रहा। बता दें कि सूर्य ग्रहण 25 तारीख के दिन शुरू हुआ था और इसका समापन अगले दिन यानी 26 तारीख के दोपहर के समय खतम हुआ था। दोपहर के बाद भाईदूज का शुभ मुहूर्त शुरू हुआ और किसी ने 26 तारीख को भाईदूज मना लिया तो कोई आज (27 अक्टूबर) को अपनी भाईदूज मनाएंगे। कहा जाता है कि सूर्य ग्रहण के समय कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता है जिसकी वजह से भाईदूज का पर्व ग्रहण के खत्म होने के बाद मना गया।   

भाई दूज का शुभ मुहूर्त

द्वितीया तिथि प्रारम्भ - अक्टूबर 26, 2022 को 02:42 पीएम बजे।

द्वितीया तिथि समाप्त - अक्टूबर 27, 2022 को 12:45 पीएम बजे।

क्या कहती है कथाएं

दरअसल धार्मिक कथाओं के अनुसार, सबसे पहले यमराज अपनी बहन यमुना के घर आए थे  और यमुना ने यमराज का तिलक कर आरती उतारी थी। तब से ही ये परंपरा चली आ रही है।

भाई दूज पर तिलक करने की विधि

 

•       इस दिन भाई को घर बुलाकर तिलक लगाकर भोजन कराने की परंपरा है।

•       भाई के लिए पिसे हुए चावल से चौक बनाएं।

•       भाई के हाथों पर चावल का घोल लगाएं।

•       भाई को तिलक लगाएं।

•       तिलक लगाने के बाद भाई की आरती उतारें।

•       भाई के हाथ में कलावा बांधें।

•       भाई को मिठाई खिलाएं।

•       मिठाई खिलाने के बाद भाई को भोजन कराएं।

•       भाई को बहन को कुछ न कुछ उपहार में जरूर देना चाहिए।

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