
Nupur Sharma Controversial Statement: उत्तर प्रदेश के बहराइच में 13 अक्टूबर, रविवार को दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के दौरान हुई हिंसा ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दी है। इस हिंसा में रामगोपाल मिश्रा की पिटाई व गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद पुलिस ने 6 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसी बीच, बहराइच कांड को लेकर बीजेपी की पूर्व नेता नूपुर शर्मा एक बार फिर अपने बयान के चलते सुर्खियों में हैं।
उन्होंने रामगोपाल मिश्रा की मौत को लेकर गलत दावा किया था। जिसके बाद बढ़ते बवाल को देखते हुए उन्हें बाद में माफी मांगनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट के स्पष्टीकरण के बारे में जानकारी नहीं थी। मीडिया से सुनी हुई बातों के आधार पर उन्होंने बयान दिया।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, बीते दिन नूपुर शर्मा ने बुलंदशहर में एक ब्राह्मण सभा को संबोधित किया था। जिसमें उन्होंने बहराइच हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा को लेकर एक बयान दिया था। उन्होंने कहा कि 'बहराइच में जिस तरह से गोपाल मिश्रा जी की हत्या की गई मुझे बहुत कष्ट हुआ। ’35 गोलियां, नाखून उखाड़ दिया, पेट फाड़ दिया, आंखें निकाल लीं…क्या एक झंडे को उखाड़ देने पर हमारे देश का कानून किसी की निर्मम हत्या करने की इजाजत देता है?
ये कोई आम बात नहीं है। हमें अपने से आगे सोचना पड़ेगा। पहले देश के बारे में सोचिए…दूसरा सनातन समाज के बारे में सोचिए। हम बटेंगे तो कटेंगे इसलिए देश सनातन और समाज के लिए सोचिए। हम कोई मच्छर या बीमारी नहीं है, जिसे मसल दिया जाए।'
'मैं अपने शब्द वापस लेती हूं'- नूपुर शर्मा
नूपुर शर्मा का ये बयान पूरे सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिससे काफी ज्यादा बवाल मचा। इसके बाद उन्होंने तुरंत माफी भी मांग ली है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा है कि'दिवंगत राम गोपाल मिश्रा जी के बारे में जो मैंने मीडिया में सुना था वह मैंने दोहराया। मुझे पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट के स्पष्टीकरण के बारे में नहीं पता था। मैं अपने शब्द वापस लेती हूं और क्षमा मांगती हूं।'
पुलिस ने खारिज किया दावा
बहराइच हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा की हत्या को लेकर तमाम तरह के दावे किए गए है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि हमलावरों ने राम गोपाल मिश्रा को मारने से पहले उसे बेरहमी से पीटकर अधमरा कर उस पर धारदार हथियार से वार किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यही कहा गया कि उसे बहुत यातनाएं दी गईं। यहां तक की नाखून उखाड़ लिए गए। लेकिन अब पुलिस ने इन सभी अफवाहों पर विराम लगा दिया है। 16 अक्टूबर को पुलिस ने ये सारी बातें खारिज कर दीं।
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