Flex Fuel Bike: भारत में बीते दिनों पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों ने आम आदमी के जेबों पर बड़ा असर डाला है। इस बीच फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी को लेकर एक अपडेट सामने आया है। दरअसल, हीरो मोटोकॉर्प ने देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल बाइक्स लॉन्च कर दी हैं। यह लॉन्चिंग बीते दिन 03 जून को की गई थी। स्प्लेंडर+ फ्लेक्स-फ्यूल और एचएफ डिलक्स फ्लेक्स-फ्यूल अब E20 से E85 तक किसी भी ब्लेंड पर चल सकती हैं। इस लॉन्च से दोपहिया बाजार में हलचल तेज हो गई है। तो चलिए फ्लेक्स-फ्यूल बाइक्स क्या होती है? यह नॉर्लम बाइक से कितनी अलग होती है? के बारे में जानते है।
फ्लेक्स-फ्यूल बाइक क्या है?
फ्लेक्स-फ्यूल बाइक को लेकर सबके मन में यही सवाल होगा कि क्या यह बाइक नॉर्लम बाइक जैसी ही होती है। तो जवाब है हां, फ्लेक्स-फ्यूल बाइक सामान्य पेट्रोल बाइक की तरह ही दिखती और चलती है। लेकिन इसका सबसे बड़ा अंतर यह है है कि नॉर्लम बाइक पूरी तरह से 100% पेट्रोल पर चलती हैं। लेकिन फ्लेक्स-फ्यूल बाइक का इंजन और फ्यूल सिस्टम अलग-अलग इथेनॉल-पेट्रोल पर काम करता है।
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नॉर्मल vs फ्लेक्स-फ्यूल बाइक अंतर
1. इंजन और फ्यूल सिस्टम: एथेनॉल में एक ऐसा रासायनिक गुण शामिल होता है, जो धातु या त्वचा के संपर्क में आने पर उसे नष्ट या गला देता है। इसलिए फ्यूल पंप, फ्यूल लाइन्स, इंजेक्टर्स, टैंक कोटिंग और सील्स को खास मटेरियल से बनाया जाता है।
2. परफॉर्मेंस: E85 पर पावर और टॉर्क थोड़ा बढ़ सकता है। लेकिन माइलेज 20-30% कम हो जाता है क्योंकि इथेनॉल में एनर्जी कम होती है।
3. अन्य फीचर्स: i3S स्टार्ट-स्टॉप, डिजी-एनालॉग क्लस्टर, साइड स्टैंड कट-ऑफ, ट्यूबलेस टायर वगैरह लगभग समान।
क्या पेट्रोल का खर्च आधा हो जाएगा?
अब आपको मन एक और सवाल होगा कि फ्लेक्स-फ्यूल बाइक के इस्तेमाल से क्या पेट्रोल का खर्च आधा आधा हो जाएगा। तो जवाब है नहीं, फ्लेक्स-फ्यूल बाइक से पेट्रोल का खर्च आधा नहीं होगा। लेकिन नॉर्मल बाइक में e-20 पेट्रोल से होने वाले कुछ नुकसानों से बचा जा सकता है। बता दें, सरकार E85 को काफी सस्ता रखने की योजना बना रही है। अगर E85 इतना सस्ता हो कि माइलेज ड्रॉप को कवर कर दे, तो प्रति किलोमीटर खर्च कम हो सकता है।