अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ी, गृह मंत्रालय ने ED को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुकदमा चलाने की दी मंजूरी

अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ी, गृह मंत्रालय ने ED को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुकदमा चलाने की दी मंजूरी

Arvind Kejriwal Money Laundering Case: दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल की परेशानी बढ़ती दिखाई दे रही है। गृह मंत्रालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को कथित शराब घोटाले मामले में मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत केजरीवाल पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है।

बता दें, इससे पहले दिल्ली के एलजी विनय कुमार सक्सेना ने अरविंद केजरीवाल पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी। वहीं, केजरीवाल ने ED जांच के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। जिसके बाद विशेष PMLA कोर्ट ने केजरीवाल के खिलाफ आरोप तय करने पर रोक लगाई थी।

याचिका दायर पर क्या बोले थे केजरीवाल?

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनके और अन्य के खिलाफ ED की चार्जशीट अवैध है। क्योंकि अभियोजन शिकायत दर्ज करने से पहले अधिकारियों से पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। वहीं, दिसंबर 2024में ED ने एलजी को एक पत्र लिखा था। जिसमें कहा गया था कि मंजूरी दी जानी चाहिए क्योंकि शराब घोटाला मामले में केजरीवाल "किंगपिन और प्रमुख साजिशकर्ता" हैं।

CAG रिपोर्ट पर उठाए सवाल

पिछले दिनों दिल्ली हाई कोर्ट ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट पर विधानसभा में चर्चा में देरी को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार को फटकार लगाई। जस्टिस सचिन दत्ता की सिंगल-जज बेंच ने कहा कि CAG रिपोर्ट सदन के पटल पर नहीं रखना पड़े। इसलिए दिल्ली सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने से पीछे हट गई।

तो वहीं, बीजेपी ने CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया है कि शराब नीति घोटाले से दिल्ली को 2026करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। इसी के साथ बीजेपी ने दावा किया है कि दिल्ली शराब घोटाले में AAP के कई नेताओं को रिश्वत मिली।

क्या है दिल्ली का शराब नीति घोटाला?

17नवंबर 2021को दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने एक्साइज पॉलिसी 2021-22को लागू किया। नई पॉलिसी के तहत, शराब कारोबार से सरकार बाहर आ गई और पूरी दुकानें निजी हाथों में चली गईं। दिल्ली सरकार का दावा था कि नई शराब नीति से माफिया राज खत्म होगा और सरकार के रेवेन्यू में बढ़ोतरी होगी। हालांकि, ये नीति शुरू से ही विवादों में रही और जब बवाल ज्यादा बढ़ गया तो 28जुलाई 2022को सरकार ने इसे रद्द कर दिया।

उसके बाद कथित शराब घोटाले का खुलासा 8जुलाई 2022को दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव नरेश कुमार की रिपोर्ट से हुआ था। इस रिपोर्ट में उन्होंने मनीष सिसोदिया समेत आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने सीबीआई जांच की सिफारिश की। इसके बाद सीबीआई ने 17अगस्त 2022को केस दर्ज किया. इसमें पैसों की हेराफेरी का आरोप भी लगा। इसलिए मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए ईडी ने भी केस दर्ज कर लिया।

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