अरेंज मैरिज के आपके वैवाहिक जीवन पर सकारात्मक व नकारात्मक प्रभाव

अरेंज मैरिज के आपके वैवाहिक जीवन पर सकारात्मक व नकारात्मक प्रभाव

नई दिल्ली: भारत में विवाह काफी महत्व रखता है। विवाह दो लोगों के बीच का पवित्र बंधन होता है। शादी में जीवनसाथी का जितना महत्व है, उससे कई ज्यादा जरूरी है शादी का तरीका। शादी बेशक दो लोगों का रिश्ता होता है लेकिन इस रिश्ते में लड़के और लड़की दोनों का परिवार भी एक हो जाता है। ऐसे में जरूरी है कि दोनों परीवार की सहमती, पसंद नापसंद, व्यवहार और कई ओर मुख्य पहलुओं को नज़र मे रखकर शादी की जाए।

शादी का गठबंधन दो तरह से बंधता है एक प्रेम विवाह से, जिसमें लड़का और लड़की खुद से अपना जीवनसाथी चुनते हैं। वह खुद तय करते हैं कि उन्हें किससे शादी करनी है किसके साथ अपना पूरा जीवन बिताना है। इस तरह की शादी में लड़का लड़की एक दूसरे को पहले से जानते और समझते हैं। लेकिन वहीं दूसरा तरीका है अरेंज मैरिज का जिसमें जीवनसाथी आपके माता पिता या परिवार के लोग ढूंढते है। भारत जैसे देश में विवाह यह तरीका प्राचीन समय से चली आ रही है। आज भी इस तरीके को लगभग अधिकतर परिवारों में अपनाया जाता है।

अगर आप भी शादी अपने माता-पिता के हिसाब से करने जा रहे तो जरूर जान अरेंज मैरिज के फायदे और नुकसानो के बारे में।

अरेंज मैरिज के लाभ

परिवार की जिम्मेदारी

अरेंज मैरिज में परिवार वाले वर वधु को अपनी पंसद से चुनते है। इस शादी में दोनों पक्ष के परिवार वालें समाज और परिवार की रजामंदी से विवाह करते है। ऐसे में अरेंज मैरिज का एक फायदा यह है भी हैं कि परिवार वाले आपको बहुत प्यार से रखते है, शादी की पूरी जिम्मेदारी माता पिता की होती हैं जिस कारण परिवार नवविवाहित के बीच में एक अच्छा रिश्ता बनने की कोशिश करता  है। इससे घर में कलेश और अन्य मनमुटाव को भी दूर रहते है। अगर शादी के बाद किसी तरह की कोई परेशानी होती है तो पूरा परिवार कंधे से कंधा मिलाकर वर या वधु के साथ खड़ा रहता है।

आपसी समझ की बढ़ोतरी

जब दो अनजान लोगों की शादी होती है यानी जब लोग अरेंज मैरिज करते हैं। तब वह नहीं जानते की उनका साथी कैसा होगा। उन्हें एक दूसरे को समझ कर जानने का मौका मिलता है जिससे उनका रिश्ता मजबूत होने के साथ ही आपसी समझदारी से भरपूर होता है।

जीवनसाथी तलाशने से छुटकारा

अरेंज मैरिज में जीवनसाथी ढूँढने का काम परिवार का होता है। लेकिन परिवार वाले अब वर वधु से उनकी पसंद भी पूछते हैं, उन्हें शादी से पहले मिलने का मौका भी देते है। इसमे अपके उपर से जीवनसाथी तलाशने की फ्रिक हठ जाती है। परिवार के लोग आपके लिए सब कुछ देख समझ के जीवनसाथी की तलाश करते हैं।

बच्चों को उनके बड़ों का प्यार मिलना

अरेंज मैरिज में बच्चों की देखभाल घर के बड़े बुजुर्गों करते है। जिससे बच्चों को अपने दादा दादी और बड़ो का प्यार मिलता है। इस कारण बच्चों को घर में अच्छे वातावरण में बड़े होने का मौका मिलता हैं उनके अंदर संस्कार की कोई कमी नहीं होती। अधिकतर लव मैरिज में बच्चों को परिवार के बड़ों का साथ नही मिल पाता।

अरेंज मैरिज की हानि

खर्चीली शादी

अरेंज मैरिज काफी खर्चीली मानी जाती है क्योकिं परिवार समाज में अपनी प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए जरूरत से ज्यादा व्यय करते हैं। इस तरह कि शादी में के दहेज जैसी कुप्रथा अधिकतर देखी जाती है। माता पिता अपनी बेटी की खुशी के लिए लड़को वालो की मुंह मांगी दहेज की रकम को दे देते है। जिससे लड़की वालो पर आर्थिक दबाव बढ़ जाता है।

जीवनसाथी से अंजान

इस तरह के विवाह में  आप अपने साथी से अंजान रहते हो। आपने शादी से पहले अपने पार्टनर को जानने या बातचीत का मौका नहीं मिलता। जिससे उससे जुड़ी अधिकतर बातों से आप अपरिचित होते हो। आपको जीवनसाथी की पसंद नापसंद की जानकारी नहीं होती है। शादी के बाद जीवनसाथी को समझने में आपको कुछ समय लगता है। कई बार जीवनसाथी को समझ न पाने के कारण वैवाहिक जीवन में परेशानी खड़ी  हो जाती हैं।

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