
America Conspiracy Aganist Canada: इस वक्त अमेरिका और कनाडा के बीच तेवर तल्ख है। डोनाल्ड ट्रंप की नजर अब कनाडा पर है। बताया जा रहा है कि 29 जनवरी को व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने अल्बर्टा के बागी नेताओं के साथ बैठक की। कनाडा में लंबे समय से अल्बर्टा को अलग किए जाने की मांग हो रही है। ऐसे में अमेरिका इसे मौके की तरह देख रहा है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अल्बर्टा के बागी नेताओं के साथ बैठक के दौरान अल्बर्टा के मुद्दे पर चर्चा हुई। हालांकि, कनाडा ने इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। ऐसे में इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कनाडा से अल्बर्टा को अलग करने की मांग
बता दें कि कनाडा के पश्चिमी प्रांत में स्थिर है। कनाडा का सबसे ज्यादा तेली इसी अल्बर्टा में है। ऑयल डेशबोर्ड के मुताबिक अल्बर्टा में लगभग 165168 बिलियन बैरल तेल भंडार है। साल 2018 में पहली बार अल्बर्टा को कनाडा से अलग करने की मांग उठी थी। उस वक्त अल्बर्टा में जमकर प्रदर्शन हुए थे। वहीं, हाल के दिनों में अल्बर्टा को लेकर कनाडा में आंदोलन तेज हुए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक एक सर्वक्षण में 28 फीसदी लोगों ने खुलकर अल्बर्टा को कनाडा से अलग करने की मांग की है। दिलचस्प बात ये है कि कनाडा के पीएम मार्क कार्नी भी अल्बर्टा के रहने वाले हैं।
अमेरिका के लिए अल्बर्टा क्यों अहम
बता दें कि कनाडा का अल्बर्टा अलास्का के नजदीक है। जमीनी तौर पर यह अमेरिका के काफी करीब है। वहीं, अमेरिका के मोंटाना से अल्बर्टा की सीमा लगती है। दोनों के बीच 294 किलोमीटर लंबा बॉर्डर है। अकेले अल्बर्टा ही कनाडा के 99 फीसदी ऊर्जा की आपूर्ति करता है। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप अल्बर्टा को अलग कर कनाडा को कमजोर करना चाहते हैं। हालांकि, अमेरिका के जीतने भी पड़ोसी देश है, उनसे उसके रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं। खासकर मेक्सिको, कनाडा और क्यूबा के साथ रिश्ते ठीक नहीं है।
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