
Ankita Bhandari Murder Case: देहरादून के अंकिता भंडारी हत्या मामले में CBI जांच की मांग के बीच हरिद्वार SP शेखर सुयाल ने शनिवार, 3 जनवरी को कहा कि जांच में किसी "VIP" को शामिल नहीं पाया गया है। सुयाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जिन नामों का जिक्र चैट और पूछताछ में हुआ, उनमें से एक अंकिता का दोस्त धर्मेंद्र कुमार उर्फ प्रधान था, जो नोएडा का निवासी है और वह कोई VIP नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान पुलिस पूछताछ में पता चला कि वह हत्या से दो दिन पहले काम से उस क्षेत्र में आया था और वनांतरा रिसॉर्ट में थोड़ी देर भोजन के लिए रुका था।
पूछताछ में हुई पुष्टि
सुयाल ने बताया कि यह जानकारी रिसॉर्ट के रिकॉर्ड और स्टाफ से पूछताछ से पुष्टि हुई है। हाल ही में, पूर्व BJP विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी की, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्या केस में VIP का नाम 'गट्टू' है। एक अन्य वीडियो में उन्होंने गट्टू को उत्तराखंड का शीर्ष BJP नेता बताया।
AI का लिया गया सहारा
इस पर राठौर ने कहा कि उनका आवाज AI के माध्यम बनाई गई थी और ऑडियो को उनके राजनीतिक छवि को खराब करने के लिए वायरल किया गया। उत्तराखंड सरकार ने शुक्रवार, 2 जनवरी को कहा कि अगर कोई विश्वसनीय सबूत पेश किया गया तो वह अंकिता भंडारी हत्या मामले की जांच के लिए तैयार है।
आरोपियों को मिली थी सजा
विपक्षी नेताओं ने इस नए आरोप और हत्या मामले की CBI जांच की मांग जारी रखी है। इस मामले में पहले ही SIT जांच के बाद तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा दी जा चुकी है। अंकिता, जो पौड़ी जिले के एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थी। उसे कथित तौर पर 18 सितंबर, 2022 को हत्या का शिकार बनाया गया था। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया था। कोर्ट ने इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक और BJP नेता के बेटे पुलकित आर्य और दो अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
वीडियो और ऑडियो ने बढ़ा दी हलचल
अब नई वीडियो और ऑडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि अगर किसी VIP की संलिप्तता सामने आती है, तो मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए। सरकार ने इस मामले में सभी कानूनी विकल्प खुला रखने का दावा किया है। इस तरह अंकिता भंडारी हत्या मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है, जहां जांच और साजिश के आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो रही है।
Leave a comment