
नई दिल्ली: बढ़ते उम्र के साथ लड़के और लड़कियों में आवाज से लेकर शरीर तक बदलाव देखने को मिलता है। ज्यादा प्रभाव लड़कों में देखा जाता है। या फिर ये कह लो कि किशोर अवस्था के आने पर लड़कों की दाढ़ी-मूछ आने लगती है और फिर जैसे-जैसे दिन, साल गुजरते है वैसे-वैसे ज्यादा आने लगती है लेकिन आप लोगों ने कई बार लड़कियों के चेहरे पर दाढ़ी-मूछ देखी होगी, नहीं देखी तो सुनी जरूर होगा। आज हम ऐसा लड़की की बात करने जा रहे है जिससे दिन में 2बार सेविंग करनी पड़ती है।
दिन में दो बार होती है शेविंग
जिस महिला की बात कर रहे है उसका नाम परफॉर्मर डकोटा कुके बताया जा रहा है जो 30साल की हैं। कुके अमेरिका के लास वेगास की रहने वाली हैं। कुके का कहना है कि वह दिन में दो बार शेविंग करती है। उन्होंने बताया कि जब वह 13साल की थीं तब उनके दाढ़ी आनी शुरू हो गई थी। पहले वह वैक्स से बाल हटाया करती थीं लेकिन अब उन्होंने शेव और वैक्स करना बंद कर दिया है।
वहीं केकु ने डॉक्टर्स से भी सलाह ली तो डॉक्टरों ने कहा कि परफॉर्मर के चेहरे पर दाढ़ी का आना उनके शरीर में टेस्टोस्टेरोन का लेवल ज्यादा होने के कारण हो रहा है। 2015में जब वह अपनी एक दोस्त से बात कर रही थीं तब उन्होंने सर्कस में एक दाढ़ी वाली महिला देखी और जाकर उससे बात की। परफॉर्मर उनकी बात से इतनी प्रभावित हुई कि उन्होंने रेजर और वैक्सिंग को छोड़ने और अपने चेहरे के बालों को बढ़ने देने का फैसला किया।
क्यों आती है महिलाओं को दाढ़ी-मूछ
दरअसल हार्मोंस में बदलाव के कारण लड़कियों को दाढ़ी-मूछें आने की संभावना बढ़ जाती है। इसमें पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम प्रमुख है। यह एक हार्मोन डिसॉर्डर है। हार्मोंस में होने वाले इस तरह के बदलाव की वजह से महिलाओं के रिप्रोडक्टिव सिस्टम को हानि पहुंचती है, जिसकी वजह से महिलाओं को दाढ़ी-मूछें आने लगती हैं। हारमोंस में होने वाले इस तरह के बदलाव के पीछे अनुवांशिक कारण भी हो सकते हैं।
हार्मोनल डिसऑर्डर के कारण महिलाओं की ओवरी काफी कमजोर हो जाती है और इसकी वजह से ओवरी में अंडे नहीं बन जाते हैं तो यह एक सिस्ट के रूप में निकलने लगता है, जो एक गांठ का रूप धारण कर लेता है। सिस्ट एक तरह पदार्थ होता है, जो एंड्रोजेंस हार्मोन को बनाता है। इसी कारण पीसीओएस बनने लगता है और महिलाओं के चेहरे पर बाल आने लगते हैं।
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